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Thursday, 18 October 2012

पेड़े (मथुरा वाले)


पेड़े (मथुरा वाले)


जिसने खाए है वो यही कहता है कि मथुरा के पेड़े से अच्छा और स्वादिष्ट पेड़ा कहीं और नहीं मिलते, ये आम पेड़ों से अलग ब्राउन रंग के होते है. तो आईये आज हम आपको मथुरा जी के पेड़े बनाना सीखते हैं.

पारम्परिक मथुरा जी के पेड़े बनाने के लिये मावा और पीसी हुई चीनी का उपयोग होता है,  मावा और पीसी हुई चीनी आप बाजार से ला सकते हैं ध्यान दे कि मावा दानेदार लेकर आयें और पीसी हुई चीनी (बूरा) आप घर पर बना सकते है, ये भी दानेदार होना चाहिए.

मथुरा जी के पेड़े बनाते समय मावा को अधिक से अधिक भूना जाता है.  मावा भूनते समय बीच बीच में थोड़ा थोड़ा दूध या घी डालते रहते हैं जिससे इसे अधिक भूनना आसान हो जाता है. भूनते समय मावा जलता नहीं और मावा का कलर हल्का ब्राउन हो जाता है, मावा जितना अच्छा भुनता है स्वाद भी उतना ही अच्छा होता है. आइये बनाना शुरू करते हैं मथुरा के पेड़े.

आवश्यक सामग्री -

खोया या मावा - 250 ग्राम
पीसी हुई चीनी (बूरा) - 250 ग्राम
घी - 2 टेबल स्पून या 1/4 कप दूध
छोटी इलाइची पाउडर - एक बड़ा चम्मच

विधि -

कढ़ाई में मावा डाल कर भूनिये (कढ़ाई भारी तले की होनी चाहिए),भूनते समय लगातार कलछी से चलाते हुये भूनिये मावा कढ़ाई में लगना नहीं चाहिये, जब मावा भुनते भुनते रंग बदलने लग जाय तब उसमें थोड़ा थोड़ा सा घी या दूध मिलाते रहिये और चला चला कर तब तक भूनिये जब तक कि वह ब्राउन कलर का न हो जाय. मथुरा के पेंडो के लिए मावा ब्राउन कलर का होना चाहिए.

मावा को ठंडा होने दीजिये, जब ये ठंडा हो जाय तब उसमें 200 ग्राम बूरा डाल कर अच्छी तरह मिलाइये, इलाइची पाउडर भी इस मिश्रण में मिला दीजिये. साधारण पेड़ों की तुलना मे मथुरा के पेड़ों मे इलायची ज़्यादा होता है. पेड़े का मिश्रण तैयार है.

बचा हुआ 50 ग्राम बूरा एक प्लेट में निकालिए. मिश्रण से थोड़ा सा मिश्रण एक छोटे नीबू के बराबर निकालिये और हाथ में लेकर गोल  करके, हाथ से दबा कर, पेड़े का आकार दीजिये,  पेड़े को प्लेट में रखे हुये बूरे में लपेटिये और अपने दोंनो हाथों की हथेलियों से पेड़े को हल्का सा दबाकर प्लेट में रखते जाइए, आपके लाजबाव मथुरा के पेड़े तैयार हैं.

पेड़े को 2-3  घंटे के लिये खुले पंखे की हवा में छोड़ दीजिये, ये थोड़े खुश्क हो जायेंगे.  अब आप इनको एअर टाइट कन्टेनर में भर कर, फ्रिज में रख दीजिये. यदि मावा अच्छी तरह भूना गया है तो ये पेड़े आप 15 दिन भी रख कर खा सकते हैं. सर्दियों के दिनों मे आप इन्हे बाहर हो रख सकते है.

नोट: मथुरा के पेड़े पारंपरिक तरीके से गाय के दूध के खोए से बनाए जाते है, यह उपलब्ध ना होने पर भैस के दूध का खोया भी इस्तेमाल कर सकते है.

केले के कटलेट्स


केले के कटलेट्स




खाने से पहले अगर आपका कुछ हल्का खाने का मन करे तो आप कच्चे केले के कटलेट्स बना सकते हैं. कच्चे केले के कटलेट्स आप व्रत रखते हुये फलाहार के रूप में भी ले सकते हैं.

आवश्यक सामग्री - 
कच्चे केले (उबाले हुए) - 4 -5
आलू उबला हुआ - 3 -4
सिघाड़े या कूटू का आटा - 2 -3 टेबल स्पून
सैधा नमक - स्वादानुसार
हरी मिर्च - 1-2 या स्वादानुसार, बारीक कटी हुई
अदरक -  1 इंच अदरक टुकड़ा कद्दूकस किया हुआ
काली मिर्च पाउडर - एक चौथाई छोटी चम्मच
हरा धनियां बारीक कतरा हुआ -एक टेबल स्पून
घी - तलने के लिये.

विधि -

उबले हुए केले को ऊपर से छिलका उतारकर मैस कर लीजिये, आलू को छीलिये, मैस कर लीजिये (आप केले और आलू दोनो को कद्दूकस भी कर सकते है). दोनो को मिला लीजिए अब इसमे नमक, काली मिर्च और हरा धनियां डालिये, मिश्रण में 2 टेबल स्पून सिघाड़े या कूटू का आटा डाल कर अच्छी तरह मिलाकर इस मिश्रण को गूथे गये आटे जैसा बना लीजिये.

कढ़ाई में घी डालकर गरम कीजिये, उपर तैयार किए हुए मिश्रण से नीबू के बराबर आटा तोड़िये और अपनी मन पसन्द आकार के टिकियाँ बनाकर गरम तेल में डालिये, एक बार में 3-4 कटलेट बनाकर तले जा सकते हैं,  कटलेट को पलट पलट कर ब्राउन होने तक तलिये, अब इन तले हुये कटलेटों को कढ़ाई से निकालिये और किसी प्लेट में रखिये, इसी प्रकार सारे कटलेट तल कर तैयार कर लीजिये.

ताजे दही और हरे धनिये की चटनी, मीठी चटनी के साथ केले के कटलेट परोसिये और खाइये.

नोट - (1) अगर आप फ्राइड कट्लएट्स ना खाना चाहे मिश्रण में सिघाड़े या कूटू मिलाने की ज़रूरत नही है और कढ़ाई के स्थान पर तवा (नेनस्टिक) इस्तेमाल करे और तवे पर थोड़ा सा घी डालकर उसपर चपटा किए हुए टिंकियो को सिकने के लिये रखिये.  दोनों ओर पलट पलट कर ब्राउन होने तक सेक कर कटलेट निकाल कर प्लेट में रख लीजिये, सारे कटलेट इसी तरह सेंक कर तैयार कर लीजिये. आपके केले के कटलेट तैयार हो जाएँगे.

(2) यदि आप इसे फलाहार के रूप में न लेना चाहें तो सैंधा नमक के स्थान पर सामान्य नमक और सिंघाड़े या कूटू के आटे की जगह कार्न स्टार्च या बेसन का प्रयोग करें.

(3) केले या आलू के कटलेट वगैरह बनाते समय आलू को उबालने के तुरन्त बाद प्रयोग न करें. इन्हें या तो रात को हो उबाल कर रख दे या एक घंटे के लिये फ्रिज में रख दें तो आपके कटलेट बहुत अच्छे बनेंगे.

इस रेसिपी से सबंधित प्रश्ना, सुझाव एवं अनुभव हमे लिखे.

Wednesday, 17 October 2012

लौकी की खीर


लौकी की खीर


व्रत मे कुछ मीठा तो सभी को चाहिए खाने मे तो हम आपको आप लौकी की खीर बनाना सिखाते है, ये बहुत ही आसान और फटाफट बनने वाली रेसीपी है।

आवश्यक सामग्री-

1 कप - कद्दूकश की हुई लौकी
1 कप - चीनी या स्वादानुसार
1 लीटर - दूध
½ चम्‍मच - इलायची पाउडर
1 चम्‍मच - किशमिश
1 चम्मच - चिरोन्जी
2 चम्मच - कटे हुए काजू ,बादाम

विधि-

दूध को उबलने के लिए गॅस पर रखे और  जब दूध मे उबाल आ जाए तो उसमें घिसी हुई लौकी मिलाएं। 20 मिनट तक   धीमी आंच पर पकाए ओर बीच बीच में चलाती रहें।

जब दूध गाढा हो जाए तब दूध में चीनी मिला कर पांच - सात मिनट तक पकने दें। उसके बाद इसमें  मेवे और इलायची पाउडर डाल कर मिलाए .इसे ठंडा या गरम जैसे चाहे खाए.

इस रेसिपी से सबंधित प्रश्ना, सुझाव एवं अनुभव हमे लिखे.

सिंघाड़े या कूटू के आटे के पकौड़े


सिंघाड़े या कूटू के आटे के पकौड़े


व्रत के दिनो मे आपको ज़रूर कुछ नमकीन खाने की इच्छा होती होगी, तो हम आपको सिंघाड़े या कूटू के आटे के पकौड़े बनाना सिखाते है..

आवश्यक सामग्री - 

सिघाड़े या कूटू का आटा - 200 ग्राम
आलू - 200 ग्राम
सेंधा नमक - आधा छोटी चम्मच या स्वादानुसार
काली मिर्च - आधा छोटी चम्मच
हरा धनिया - एक टेबल स्पून बारीक कटा हुआ
हरी मिर्च - 2 बारीक कतरी हुई या स्वादानुसार
घी  - पकोड़े तलने के लिये

विधि - 

सबसे पहले आटे को एक बर्तन में निकाल कर थोड़ा पानी डाल कर कर अच्छी तरह फैट कर घोल बना लीजिये. इस घोल में सेंधा नमक, काली मिर्च, हरा धनियां और हरी मिर्च डाल कर मिला लीजिए और घोल को 5-7 मिनिट के लिये रख दीजिये. इससे घोल का आटा अच्छी तरह फूल कर तैयार हो जाएगा.

अब आलू को छील कर धोइये और पतले - पतले टुकड़ों में काट लीजिये.

कढ़ाई में घी डालकर गरम कीजिये.  अब आटे के घोल में कटे हुये आलू मिलाइये और चम्मच या हाथ से उठाकर घोल मे लपेटे हुए आलू गरम घी में धीरे से डालिये.  एक बार में 5-6 पकोड़े या जितने पकोड़े आसानी से तले जा सकें, कढ़ाई में डाल दीजिये, पकोडों को उलट पलट कर ब्राउन होने तक तल लीजिए. फिर इन तले हुये पकोड़े को प्लेट में निकाल लीजिए, ईसीप्रकार से सारे पकोड़े तल लीजिये.

अब आपके कूटू के या सिंघाड़े के आटे के पकोड़े तैयार हैं.  इन पकोड़ों को  धनिया टमाटर की चटनी या दही के साथ खाइये (चटनी की रेसिपी आप हमारे ब्लॉग से ले सकते है उसमे साधारण नमक के स्थान पर सेंधा नमक डाल ले. CLICK HERE for चटनी की रेसिपी ) .

इस रेसिपी से सबंधित प्रश्ना, सुझाव एवं अनुभव हमे लिखे.

Tuesday, 16 October 2012

सिघाड़े की मीठी बरफी


सिघाड़े की मीठी बरफी


नवरात्रीव्रत के अवसर पर सिघाड़े की मीठी बरफी (कतली) बनाई जाती है. यह कतली बड़ी स्वादिष्ट होती है, इसे बनाना भी आसान है आइये सिघाड़े के आटे की मीठी बरफी बनायें.

आवश्यक सामग्री - 

सिघाड़े का  आटा - 100 ग्राम
घी - दो टेबल स्पून
चीनी - 100 ग्राम
इलाइची पाउडर - 1/2 छोटी चम्मच

विधि - 

सबसे पहले कढाई में घी को डाल कर गरम कीजिये. इसमे सिघाड़े का आटा डाल कर हल्का गुलाबी होने तक चलाते हुए भुनिए.
जब आटा भुन जाए तो इसमें तीन गुना पानी और चीनी, इलायची पाउडर मिलाकर चमचे से लगातार चलाते हुए मिलाइए. इसको उबाल आने के बाद लगभग 5 मिनिट तक पकाइये. ये गाड़ा हलुआ जैसा बन जायेगा.

अब एक थाली को घी लगा कर चिकना कीजिये और इसमे तैयार हलुवा डालकर लगभग आधा इंच की मोटाई में फैला कर जमा दीजिये.
जब ये ठंडा होकर जम जाए तब चाकू से अपने मनपसन्द आकार में काट लें.

बरफी को प्लेट में निकालिए और खाइये.

इस रेसिपी से सबंधित प्रश्ना, सुझाव एवं अनुभव हमे लिखे.

Monday, 15 October 2012

कुट्टू के आटे की आलू वाली पूरी


कुट्टू के आटे की आलू वाली पूरी



व्रत के दिनों में सामान्य आटे के स्थान पर कुट्टू के आटे  का प्रयोग किया जाता है. कुट्टू के आटे की सादा पूरी तो आपने कई बार बनाई होगी पर आज हम कुट्टू के आटे की पूरी आलू डालकर बनायंगे.

कुटू के आटे को अकेला गुंथना कठिन होता यदि हम इसमे आलू मिला लेते है तो ये आसानी से गूंथ कर बेला जा सकता है. आलू से पूरियां ज़्यादा खस्ता भी बनतीं है.

आवश्यक सामग्री - 

कूटू के आटा - 1 कप
उबले आलू - दो मध्यम आकार के
नमक सैंधा - 1/2 छोटी चम्मच या स्वादानुसार
कालीमिर्च पाउडर - आधी छोटी चम्मच
हरा धनियां - 2 टेबल स्पून बारीक कटा हुआ
घी - पूरियाँ तलने के लिए

विधि - 

कूटू के आटे को किसी बर्तन में छान कर निकाल लीजिये, उबले आलू को छीलिये और मैस कीजिये, आटे में मिलाइये, सैंधा  नमक, कालीमिर्च पाउडर और हरा धनिया मिलाइये. सभी चीजों को मिलाते हुये सख्त पूरी के आटे जैसा आटा गूथिये. आटा गुंथने के लिए पानी को बहुत थोड़ा थोड़ा करके डालिए वरना आटा ज़्यादा गीला हो जाएगा.

अब इस गुंथे हुये आटे को 20 मिनिट के लिये ढककर रख दीजिये इससे आटा अच्छा चिकना हो जाएगा. अब आटे की छोटी छोटी लोइया यानी गोले बना कर रख लीजिये.

अब कढ़ाई में घी डाल कर गरम कीजिये. एक गोला उठाइये, कूटू के सूखे आटे में लपेटिये और चकले पर रख कर लगभग 3 इंच के व्यास में बेल लीजिये. पूरी को गरम घी में डालिये और दोनों तरफ ब्राउन होने तक तलिये. सारी पूरी इसी तरह तल कर तैयार कर लीजिये.
लीजिए आपकी आलू वाली कूटू के आटे की पूरियां तैयार हैं.  गरमा गरम पूरियां धनिया टमाटर की चटनी या दही के साथ खाइये (चटनी की रेसिपी आप हमारे ब्लॉग से ले सकते है उसमे साधारण नमक के स्थान पर सेंधा नमक डाल ले. CLICK HERE) .

नोट: यदि आप चाहे तो उबले आलू के स्थान पर उबली अरबी का प्रयोग भी कर सकते.

इस रेसिपी से सबंधित प्रश्ना, सुझाव एवं अनुभव हमे लिखे.

साबूदाने की खिचड़ी (व्रत वाली)


साबूदाने की खिचड़ी (व्रत वाली)


व्रत मे मीठा खाने से हम बोर हो जाते है इसलिए आज हम आपको बनाना सिखाएगें साबूदाने की व्रत वाली खिचड़ी। ये काफ़ी आसानी से बनने वाली डिश हे जो आपके परिवार को बहुत पसंद आएगी।

आवश्यक सामग्री-
एक कप - साबूदाना भिगोया हुआ,
आधा कप - मूँगफली दाना
दो आलू उबले - छोटे टुकड़ों मे कटा हुआ,
एक बड़ा टमाटर - छोटे टुकड़ों मे कटा हुआ
चार चम्‍मच - देशी घी,
आधा चम्‍मच - जीरा,
दो हरी मिर्च- बारीक कटी हुई,
एक बड़ा चम्मच - हरा धनिया बारीक कटा हुआ,
एक बड़ा चम्मच - नींबू का रस
स्वादानुसार - सेंधा नमक, विधि-
आधी छोटी चम्मच या स्वादानुसार - काली मिर्च पाउडर,

विधि-

खिचड़ी बनाने से कम से कम आधा घंटा पहले साबूदाने को पानी में भिगो लीजिए (भिगोते समय पानी सिर्फ इतना डालिये कि साबूदाना इसमें डूब जाये लेकिन सतह पर पानी अधिक ऊपर तक तैरता न रहे.)  खिचड़ी बनाने से पहले साबूदाने को हाथ में हल्का सा दबा कर उसका पानी निकल लें . इसके बाद कढ़ाई में घी गरम कर उसमें मूँगफली दानो को हल्का भूरा होने तक तले और फिर उसे निकाल लें। उसके बाद घी में जीरा डालिए जीरा ब्राउन होने के बाद इसमे आलू, टमाटर, हरी मिर्च डाल कर उसे लगभग २ मिनिट फ्राई करें। फिर उसमें साबूदाना डाल कर मिलाए और मूँगफली दाना, काली मिर्च पाउडर, सेंधा नमक डाल कर मिला दे और इसे ढककर लगभग 5 मिनट तक पकाएं। बीच मे इसे एक दो बार चला दे ताकि ये कड़ाई मे चिपके नही. तैयार खिचड़ी मे नींबू का रस डाल कर मिला लीजिए.

लीजिये अब आपकी खिचड़ी तैयार हो गई है, अब इसे हरे धनिये से सजा कर गरमा गरमा परोंसे.

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Sunday, 14 October 2012

आलू का भरवां मीठा परांठा (व्रत के लिए )


आलू का भरवां मीठा परांठा (व्रत के लिए )


व्रत में खाने के लिए कुछ नया और अलग हो तो सब को मज़ा आ जाएगा. तो आइये आज हम आलू का भरवां मीठा परांठा बनाते है.

आवश्यक सामग्री :
200-200 ग्राम  - सिंघाड़े व राजगिरे का आटा
500 ग्राम- आलू
1/2 कटोरी -शक्कर
आधा छोटी चम्मच - इलायची पावडर
4-5 केसर के लच्छे
घी- 4-6 चम्मच

विधि :

पहले आलू को उबाल कर, छिल कर मैश कर ले. अब एक कड़ाही में धीमी आंच पर दो चम्मच घी गरम करें व इसमें मेश आलू डाले ओर पांच-सात मिनट तक भूनें और शक्कर मिलाएं व लगातार हिलाते हुए पांच मिनट तक ओर भूनें। इसके बाद इलायची पाउडर, केसर डालकर हिलाएं और आंच से उतार लें।

अब राजगिरे व सिंघाड़े का आटा मिलाकर गूंथ लें। तैयार पिट्ठी ठंडी होने पर की गोलियां बना लें। पूरी जितनी लोई बेलकर आलू की पीठी भरें ओर  मुंह बंद कर बेलें और ‍दोनों तरफ घी लगाकर तवे पर धीमी आंच पर सेकें। गरमा-गरम आलू का भरवां मीठा परांठा तैयार है.

इस पराठे को आप ताजे दही के साथ खाए.

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Saturday, 13 October 2012

पनीर व सिंघाड़े का फलाहारी दही भल्ला (व्रत के लिए)


पनीर व सिंघाड़े का फलाहारी दही भल्ला (व्रत के लिए)


नवरात्री आने वाली है, व्रत में खाने के लिए कुछ नया और अलग हो तो सब को मज़ा आ जाएगा. तो आइये आज हम पनीर व सिंघाड़े का फलाहारी दही भल्ले बनाते है.

आवश्यक सामग्री :
आधा कप - पनीर,
एक कप - सिंघाड़े का आटा,
एक कप - उबले मैश आलू,
दो बड़े चम्मच - दरदरे पिसे काजू ,
एक बड़ा चम्मच - किशमिश
एक  - बारीक कटी हरी मिर्च,
दो कप - फेंटा दही ताज़ा
स्वादानुसार- सेंधा नमक,
एक बड़ा चम्मच - शक्कर पीसी हुई,
एक बड़ा चम्मच - भुना जीरा पावडर,
एक बड़ा चम्मच - अनार के दाने
तलने के लिए पर्याप्त मात्रा में तेल।

विधि :
सबसे पहले पनीर को कद्दूकस करके इसमें मैश आलू, काजू, किशमिश, हरी मिर्च, व सेंधा नमक मिला लें। इस मिश्रण के  छोटे-छोटे गोले बना लें।

अब सिंघाड़े के आटे का थोड़ा गाढ़ा घोल बनाए (घोल न तो बहुत पतला हो न ही बहुत गाढ़ा). गॅस पर कड़ाई मे तेल गर्म करें और तैयार गोलों को घोल में डुबोकर गरम तेल में सुनहरे होने तक तल लें। इसी प्रकार सारे गोले (भल्ले) तल लीजिए.

दही में शक्कर मिला कर अच्छे से फेंट ले. अब एक प्लेट में भल्ला परोस कर उसके उपर दही डालें और भुना जीरा पावडर व अनारदाने डालकर सज़ा ले.  चाहे तो आप एक चम्मच बारीक कटा हुआ धनिया भी उपर से सजाने के लिए इस्तेमाल कर सकते है.

आपके स्वादिष्ट दही भल्ले तैयार है.

नोट: (1) आप इसमे अदरक भी मिला सकते. इसके लिए एक लगभग आधा इंच के टुकड़े को कद्दूकश करके पनीर इत्यादि के मिश्रण मे ही मिला ले और फिर गोले बनाए.
 

इस रेसिपी से सबंधित प्रश्ना, सुझाव एवं अनुभव हमे लिखे.

रबड़ी


रबड़ी




रबड़ी   उत्तर भारत में अधिक पसंद की जाती हैं. रबड़ी का स्वाद लाजबाव होता है. खाना खाने के बाद रबड़ी खाने का मज़ा  कुछ और ही है. इसे  मालपुआ, जलेबी और इमरती के साथ भी खाते हैं.
आइये आज हम रबड़ी बनाए.

आवश्यक सामग्री - 

दूध - 1 लीटर फुलक्रीम
चीनी -50 ग्राम
छोटी इलाइची - 2-3 (छील कर कूट लीजिये)

विधि - 

 रबड़ी बनाने के लिए कढ़ाही भारे तले की होनी चाहिये. दूध को कढ़ाही में डालकर गरम करने रखिये, दूध में उबाल आने पर गैस धीमी कर दीजिये.

दूध पर मलाई की हल्की परत  जैसे ही आये कलछी से उठाकर, कढ़ाही के किनारे लगा दीजिये. थोड़ी देर बाद फिर से दूध के ऊपरी सतह पर मलाई आ जाएगी इसे भी उठाइये और किनारे पर लगा दीजिये.  दूध को धीमी गैस पर  उबलने दीजिये और  मलाई की परत को कढ़ाही के किनारे लगाते रहिये.  कढ़ाही के किनारे जमी मलाई की परत सूख कर खुश्क होती रहेगी,  बार बार यही करना है, जब मलाई कढ़ाही के चारों ओर इकठ्ठी हो जाय और कढाई में दूध गाड़ा होकर एक तिहाई ही बचे तो बचे दूध में  चीनी और इलाइची पाउडर मिलाइये और  लगभग2 मिनिट बाद गैस बन्द कर दीजिये   कलछी से कढ़ाही के किनारों से मलाई खुरचकर निकालिये और उस गाड़े दूध में ही मिला दीजिये. खुरची हुई मलाई की परत (खुरचन) को दूध में मिलाते समय अधिक मत चलाईये ताकि रबड़ी में खुरचन की गांठे पड़ी रहें. लीजिये रबड़ी तैयार हो गई है. रबड़ी को किसी बरतन में निकालिये और फ्रिज में रख कर ठंडा कीजिये, खाना खाने के बाद ठंडी ठंडी रबड़ी खाइये.

रबड़ी को फ्रिज में रखकर 2 दिन तक खा सकते हैं.

 नोट:- (1) रबड़ी बनाते समय ध्यान रहे कि चमचे से मलाई निकालने के बाद  दूध को भी तले तक  चला दीजिये, दूध कढ़ाई के तले में नहीं लगना चाहिये, गैस को तेज न रखे, नहीं तो जो मलाई किनारे पर लगा कर रखी है वह जल जायेगी.
(2) यदि आप चाहे तो रबड़ी के उपर कतरा हुआ पिसता डाल कर भी सर्व कर सकते.
(3) अगर रबरी जलेबी या मालपुए के साथ खाने के लिए बनाए तो चीनी की मात्रा थोड़ी कम कर दीजिए .
 

Tuesday, 9 October 2012

फलों का रायता (व्रत के लिए)


फलों का रायता (व्रत के लिए)


व्रत के समय फलों का रायता बनाइये, यह बड़ा ही स्वादिष्ट होता है. इससे खाने का स्वाद और पाचन दोनों ही बढ जाएँगे.

आवश्यक समीग्री

केला - 1 मोटे गोल टुकड़े में कटा हुआ
सेब - 1 छील कर छोटे छोटे टुकड़े में कटा हुआ
अंगूर - 18 - 20 डंठल तोड़े हुए
अनार के दाने- आधा कटोरी
दही -  2 कप
चीनी - 2 -3 टेबल स्पून
इलायची पाउडर - चोथाई छोटी चम्मच

विधि     
सबसे पहले दही मे 2 -3 टेबल स्पून चीनी मिला कर फैट लीजिये. सारे फलों को दही में मिलाइये.  इलायची पाउडर रायते में मिला दीजिये. रायते को ठंडा होने के लिये फ्रिज में रख दीजिये.

आपका फलों का रायता तैयार है, ठंडा रायता परोसिये.

नोट:- (1) फलों का रायता बनाने के लिये आप अपने मन पसन्द कोई भी फल ले सकते हैं, जैसे आम, स्ट्रॉबेरी, आदि.
(2) आप इसमे दही की जगह फ्रेश क्रीम का इस्तेमाल भी कर सकते है, ये बाजार मे आसानी से पॅक्ड भी मिल जाती है.

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कूटू के आटे का चीला


कूटू के आटे का चीला


कूटू के आटे का उपयोग व्रत मे सभी करते है . कूटू के आटे का चीला बहुत अच्छा बन जाता हैं.  तो आइये कूटू के आटे का चीला बनाते है.

आवश्यक समीग्री

एक कप - कूटू का आटा छना हुआ
200 - ग्राम  अरबी
1 छोटी चम्मच नमक
आधा छोटी चम्मच काली मिर्च
एक टेबल स्पून - हरा धनियां कतरा हुआ

विधि

सबसे पहले कूटू का आटा छान कर किसी बर्तन में निकाल लीजिये, अरबी धोकर उबाल लीजिये.  अरबी को छील कर, कद्दूकस करके, मैस कर लीजिये. कूटू के आटे में मिलाइये, थोड़ा थोड़ा पानी डाल कर, आटे को घोलते जाइये, गुठलियां नहीं पड़नी चाहिये.
घोल को अधिक गाड़ा और अधिक पतला मत कीजिये. घोल को 15  मिनिट के लिये ढककर रख दीजिये.

अब घोल में 1 छोटी चम्मच नमक, आधा छोटी चम्मच काली मिर्च और एक टेबल स्पून कतरा हुआ हरा धनियां मिला लीजिये.
तबे को गैस पर रखिये, गरम कीजिये, एक बड़ा चमचा घोल तवे पर डालिये और चमचे से गोल गोल चलाते हुये पतला चीला फैलाइये. चीले की नीचली सतह ब्राउन होने तक सेक कर पलट दीजिये. दूसरी तरफ भी ब्राउन होने तक सेकिये. अब चीला तवे से उतार कर प्लेट में  रखिये.  सारे चीले इसी तरह बनाकर तैयार कर लीजिये.

लीजिए आपके कूटू के चीले तैयार हैं इन्हैं आप गरम गरम फ्राई आलू, चटनी, फलो के रायते या दही के साथ खा सकते है.

इस रेसिपी से सबंधित प्रश्ना, सुझाव एवं अनुभव हमे लिखे.

आलू फ्राई (व्रत के लिए)


आलू फ्राई (व्रत के लिए)



व्रत मे आलू फ्राई कर के खाना बहुत अच्छा लगता हैं.  आलू छोटे हों तो साबुत ही फ्राई किये जा सकते हैं, यदि आलू बड़े हैं तो उनके  टुकड़े कर के फ्राई किये जा सकते हैं. आइये व्रत के लिये आलू फ्राई करें.


आवश्यक सामग्री 

आलू- 6-7 मीडियम साइज़ के
घी - 1 कप
जीरा - आधा छोटी चम्मच
व्रत का नमक - स्वादानुसार
काली मिर्च पाउडर - आधा छोटी चम्मच
नींबू का रस - दो छोटी चम्मच
हरा धनिया - दो चम्मच बारीक कटा हुआ
हरी मिर्च - एक बारीक कटी

विधि
 6-7 मीडियम आकार के आलू अच्छी तरह धोकर उबाल लीजिये,  इन्हे ठंडा कीजिये ओर छील लीजिये. अब घी कढ़ाई में डाल कर गरम कीजिये, गरम घी में आलू डाल कर डीप फ्राइ करे. हल्के  ब्राउन होने तक  तल कर प्लेट में निकाल ले.

एक टेबल स्पून घी बचाकर,अतिरिक्त घी निकाल दे. अब इस में जीरा डाले जीरा तड़कने के बाद आलू, हरी मिर्च, व्रत का नमक और आधा छोटी चम्मच काली मिर्च पाउडर डाल कर आलू 2-3 मिनिट तक भूनिये, गैस बन्द कर दीजिये, हरा धनियां और एक नीबू का रस डाल कर मिलाइये.  बस हो गये व्रत के लिये आलू तैयार हैं.  इन्हे गरमा -गरम परोसिये .

इसे कूटू के आटे की पूरी या चीले के साथ खाइए.


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सिघाड़े (कुटु) के आटे की कचौड़ियां


सिघाड़े (कुटु) के आटे की कचौड़ियां


नवरात्री आने वाली है, व्रत में खाने के लिए कुछ नया हो तो सब को मज़ा आ जाएगा. आइये आज हम सिघाड़े के आटे से कचौड़ियां बनाते है..

आवश्यक सामग्री - कूटू की कचोरी या सिंघाड़े की कचोरी


सिघाड़े (या कुटू) का आटा -  दो कप
आलू - 4 उबले,छिले हुये
हरी मिर्च - 2 बारीक कटी हुई
हरा धनिया - 2 चम्मच बारीक कटी हुआ
अदरक - एक इंच का टुकड़ा कद्दूकस किया हुआ
काली मिर्च पाउडर - एक चौथाई छोटी चम्मच
अमचूर - एक चौथाई छोटी चम्मच (यदि आप चाहें)
सैन्धा नमक (व्रत का नमक)- स्वादानुसार
घी - तलने के लिये

विधि :-

सिघाड़े का आटा छानिये, थोड़ा सा नमक और दो छोटी चम्मच घी डाल कर नरम आटा गूथ लीजिये.
आलू को कद्दूकस कर ले ओर हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया, काली मिर्च पाउडर, अमचूर पाउडर और सैन्धा नमक डाल कर अच्छी तरह मिला लीजिये, कचौड़ी के अन्दर भरने के लिये पिठ्ठी तैयार है.


कढ़ाई में घी डाल कर गरम करे. अब आटे से थोड़ा सा आटा तोड़िये, गोल कीजिये, दबा कर हथेली पर उंगलियों के सहारे से बड़ा कर लीजिये. बीच में एक छोटी चम्मच आलू रखिये और चारों तरफ से पूरी को उठाकर आलू को बन्द कीजिये.

आलू भरी लोई को हथेलियों से दबा दबा कर बड़ा कर लीजिये और गरम घी में डालिये . आप एक बार मे 2-3 कचौड़ियां एक बार में डाल कर, उलट -पलट कर ब्राउन होने तक तल लीजिये.  इसी तरह से बाकी कचौड़ियां भी तल ले.

गरमा गरम सिघाड़े (कुटु) के आटे की कचौड़ियां ताजे दही, हरे धनिए की चटनी (व्रत वाली) या साबूदाना खीर के साथ परोसिये .

नोट: हरे धनिए की चटनी की रेसिपी के लिए हमारी साइट देखे.

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Tuesday, 2 October 2012

आलू का हलवा



आलू का हलवा :-


                ये हलवा आप व्रत मे या कभी भी जब आप का दिल चाहे बना ओर खा सकते है. ये छोटे बच्चो के लिए भी अच्छी रेसिपी है क्योकि ये टेस्टी होने के साथ-साथ पोष्टिक भी है. तो आइए इसे बनाना शुरू करते है.

आवश्यक सामग्री :-

                 आलू उबले,छिले,व कद्दूकस किए हुए - 6 मीडियम साइज़ के
                 घी - 1/2 कप
                 दूध - 1 कप
                 पीसी चीनी - डेढ़ कप
                 इलायची पाउडर - 1 छोटी चम्मच
                 मेवे - 1/2 कप (अपनी पसंद के)

विधि :-

       एक भारी तले की कड़ाही को गरम होने रखिए ओर उसमे घी डालिए .घी गरम होने पर उसमे उबले कसे हुए आलू डालिए ओर लगातार चलाते हुए मीडियम गॅस पर हल्का ब्राउन होने तक भूने .जितना अच्छी तरह आप इसे भूनेगे उतना ही टेस्टी ये बनेगा. जब आलू भुन जाए तब इसमे पीसी चीनी व दूध डाल कर चलाते हुए भूने.जब आलू व घी अलग-अलग नज़र आने लगे तब इसमे मेवे व इलायची पाउडर मिलाए ओर गरमा-गरम सर्व करे.

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Monday, 1 October 2012

समा के चावल की खीर (व्रत के चावल)


समा के चावल की खीर (व्रत के चावल)



नवरात्रि के दौरान समा यानी व्रत के चावल  से कई तरह की रेसीपी बनाई  जाती है, प्रस्तुत है समा चावल की खीर  जो खाने में स्वादिष्ट और बनाने में आसान है.
आवश्यक सामग्री -
फुल क्रीम दूध - 1 लीटर लगभग पांच कप
चावल - 80 ग्राम लगभग तीन चोथाई कप
चीनी - 100 ग्राम लगभग आधा कप
काजू - 10 -15
किशमिश - 20 - 22
चीरोंजी - एक छोटी चम्मच
छोटी इलाइची पाउडर - एक छोटी चम्मच

विधि -
समा के चावल को साफ करके धो कर  आधा घंटे के लिये पानी में भिगो दीजिये.

काजू को छोटे टुकड़ों में काट ले व किशमिश धो ले.
किसी भारी तले के बर्तन में दूध को गरम करने रख दे दूध में उबाल आने के बाद समा के चावल दूध में डाले ओर चमचे से अच्छी तरह चला दे ओर गॅस धीमी कर दीजिये. खीर को हर दो मिनिट मे चलाते रहिये ताकि खीर जल ना जाए.

   समा के चावल पक जाने  पर, खीर में काजू , किशमिश व चीरोंजी डाल दीजिये. चावल को दूध के साथ एकदम मिलने तक खीर को पकने दीजिये. खीर को चमचे से गिराने पर दूध और चावल एक साथ गिरने चाहिये. अब खीर में चीनी डालिए ओर  मिला दीजिये. गॅस बन्द कर दीजिये.
अब खीर बन चुकी है. खीर में इलाइची पाउडर डाल कर मिलाए. इसे गरम या ठंडी जैसे आप पसंद करते हो वैसे खाइये.

नोट: (१) खीर में मेवे अपनी पसन्द के अनुसार कोई भी और कितनी भी मात्रा मे डाल सकते हैं.
     (2) आप इस खीर मैं दूध मैं उबाल आने के बाद 7 - 8 चम्मच मिल्कमेड भी मिला सकते इससे आपकी खीर और भी ज़्यादा  टेस्टी हो जाएगी. मिल्कमेड डालने पर चीनी की मात्रा को थोड़ा कम कर दे क्योंकि ये काफ़ी मीठा होता है.

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साबूदाना नमकीन (व्रत के लिए)



साबूदाना नमकीन (व्रत के लिए)

नवरात्रि आने वाली हैं, इस समय बाजार में व्रत की नमकीन आसानी से मिल जाती है पर आप ये व्रत की नमकीन घर में भी बड़ी आसानी से बना सकते हैं, घर में बनी नमकीन बाजार से  ज़्यादा स्वादिष्ट और शुद्ध होगी.

ये नमकीन कई प्रकार की बनाई जाती है हम यहाँ पर मूंगफली के दाने और बड़े साबूदाने से ये व्रत की नमकीन बना रहे है, इसमे आप मन पसन्द कोई भी सूखी मेवा हल्की सी भून कर मिला सकते है, उससे ये और भी अधिक स्वादिष्ट बन जाएगी. इसको आप लगभग एक महीने तक इस्तेमाल कर सकते है ये आपको बहुत ही पसन्द आयेगी.

आवश्यक सामग्री -

बड़ा साबुदाना -  1 कप
मूंगफली के दाने - 1 कप
बादाम - 20 - 22
घी - तलने के लिये
नारियल - कद्दूकस किया हुआ आधा कप
सेंधा नमक - स्वादानुसार
काली मिर्च पाउडर- 1/4  छोटी चम्मच

विधि -

साबूदाने को किसी बर्तन में निकालिये, 2 छोटी चम्मच पानी डालिये और अच्छी तरह मिलाइये, 5- 10 मिनिट के लिये रख दीजिये ताकि ये थोड़े से नम हो जांय. इस बीच मूगफली के दाने साफ कर के रख लीजिये.

 अब एक भारी तले की कढ़ाई में एक कप घी डाल कर गरम कीजिये, घी जब अच्छी तरह से गरम हो जाय तब घी में साबूदाना डाले ओर आग बिलकुल धीमी कर दे साबूदाना को  फूलने दीजिये, बीच बीच में कलछी से चलाते रहे, अगर साबूदाने उचट रहे हों तो कढ़ाई के ऊपर थाली ढकी जा सकती है, पूरे साबूदाने फूलने के बाद, इन्हैं प्लेट में निकाल लीजिये. साबूदाने को  खा कर देख लीजिये कि वह अन्दर तक भून गया है. इसी तरह पूरे साबूदाने को तल लीजिये.

अब मूंगफली के दाने घी में डालिये और धीमी आग पर कलछी से चलाते हुये हल्के ब्राउन होने तक भून लीजिये ये बड़ी जल्दी लगभग 3-4 मिनिट में भून जाते हैं. बादाम व नारियल के टुकड़े भी हल्के से भून कर निकाल लीजिये.

इन सभी भुनी हुई चीजों को मिलाइये, पिसा हुआ सेंधा नमक और काली मिर्च पाउडर डाल कर मिला दीजिये. बस तैयार हो गई आपकी व्रत की नमकीन. ये नमकीन आप ठंडा होने पर कन्टेनर में भर कर रख लीजिये इसे व्रत में या वैसे भी 1 महिने तक कभी भी खाइये.

नोट:
(1) आप अपने पसंद की कोई भी मेवा डाल सकते है जैसे काजू, किशमिश इत्यादि.
(2) यदि आप घी ना खाना चाहे तो रिफाइंड तेल इस्तेमाल कर सकते है.
(3) कुछ लोग इसे हल्का मीठा खाना पसंद करते ही तो वो काली मिर्च पाउडर हटा दे और एक चम्मच पीसी हुई चीनी मिक्स्चर तैयार होने के बाद मिला दे.  

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