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Sunday, 11 November 2012

काजू कतली


काजू कतली


काजू कतली तो सभी को पसंद आती है पर ज़्यादातरलोग समझते है की इसे बनाना बहुत होगा जबकि काजू कतली को बनाना बहुत ही आसान है. तो आइए इस दीवाली इसे घर पर ही बनाए.
आवश्यक सामग्री -
काजू - 400 ग्राम
चीनी - 200 ग्राम
रोज़ असेंसे - 1 छोटी चम्मच
कॉर्न स्टार्च - 1 छोटी चम्मच

विधि -
सबसे पहले काजू को लगभग एक से डेढ़ घंटे के लिए गरम पानी में भिगो दीजिये. इसके बाद काजू को पानी से निकाल कर मिक्सी में एकदम महीन पीस लें. इसमे पानी का इस्तेमाल ना के बराबर करे. काजू के पेस्ट में पिसी हुई चीनी अच्छी तरह मिला लीजिये. अब गॅस पर एक कड़ाही गरम होने रखे और इसमें काजू और चीनी का पेस्ट डाल कर मीडियम आग पर पकाए.
मिश्रण को लगातार चलाते हुये जमने वाली कन्सिसटेन्सी तक पका लीजिये, जब मिश्रण पूरी तरह पाक कर कड़ाई छोड़ने लगे तो गैस बन्द कर दीजिये और इसमे कॉर्न स्टार्च व रोज़ ऐसेंस मिला दीजिये. जब मिश्रण इतना ठंडा हो जाय कि हाथ में रखा जा सके, तब हाथ से गोल करके लोई की तरह बनाकर तैयार कर लीजिये.
मिश्रण से बनी लोई को लकड़ी के बोर्ड या किचन स्लॅब पर रखे घी लगे बटर पेपर पर रखकर, बेलन से रोटी की तरह पतला बेल लें, बेलन पर भी घी लगाकर चिकना करले जमने पर इसे मनपसन्द साइज के टुकड़ों में काट लीजिये.
अब हमारी काजू कतली तैयार है. इसको फ्रिज में रखकर 15-20 दिन तक खाया जा सकता है.
नोट: (1) आप चाहें तो लोई को बेलने के लिए इसे 2 चौकोर पोलीथिन के टुकड़ो मे अन्दर की तरफ घी लगायें और इनके बीच लोई रखें और पतला बेल लें.
(2) यदि आप चाँदी के वर्क लगाना चाहते है तो लोई बेलने के बाद उसके उपर हल्के हाथ से चाँदी का वर्क लगा दे. वैसे आजकल वर्क बनाने मे चमड़े का इस्तेमाल होता है इसलिए अगर आप इसे न लगाना चाहे तो इसे सादा भी बना सकते है.
इस रेसिपी से सबंधित प्रश्ना, सुझाव एवं अनुभव हमे लिखे.

Saturday, 10 November 2012

बेसन के लड्डू - Besan ki Laddoo


बेसन के लड्डू

बेसन या मगद के लड्डू आपने खाए ही होंगे ! ये एक ऐसी मिठाई है जो घर में बनाकर 20-25 दिनो तक रख सकते है. तो आइये बनाते हैं बेसन के लड्डू.
आवश्यक सामग्री -
बेसन - 500 ग्राम
घी - 400 ग्राम
पिसी चीनी - 500 ग्राम
इलाइची पाउडर - यदि आप चाहे
विधि -
बेसन या मगद के लड्डू बनाने के लिए मोटा बेसन हो तो लड्डू ज्यादा स्वादिष्ट बनते हैं. बेसन को छान लीजिये. अब कढ़ाई में घी डाल कर गरम कीजिये और घी में बेसन डाल कर कलछी से चलाते हुए भूनिये, जब बेसन का रंग हल्का ब्राउन होने लगे और बेसन से सुगन्ध आने लगे तो उसमें एक चम्मच पानी या दूध के छीटे लगा दीजिये, बेसन में झाग आएगा और इससे उसमें दाने बन जायेंगे जिससे लड्डू का स्वाद और अच्छा हो जाएगा, इसके बाद बेसन तब तक भुनिए जब तक ये झाग खतम न हो जाए, अब बेसन भुन कर तैयार है. गॅस बन्द कर दीजिये. इसे ठंडा करने के लिये खुला छोड़ दीजिये.
बेसन जब लगभग ठंडा (हल्का गरम) हो जाए, तो उसमे पिसी चीनी (बूरा) डाल कर अच्छी तरह मिलाए और हाथो की सहायता से गोल गोल लड्डू बना लीजिये.
बस बेसन के लड्डू तैयार है. आप उन्हैं अभी खाइये और 20-25 दिन तक रख सकते है.
समय-- 50 मिनिट
नोट: पीसी चीनी की जगह तगार को बेसन में मिलायें तो लड्डू अधिक स्वादिष्ट बनते है. ये बाजार मे तगार या बूरा के नाम से मिलती है. तगार बनाने की रेसिपी हमारी साइट पर भी उपलब्ध है.

इस रेसिपी से सबंधित प्रश्ना, सुझाव एवं अनुभव हमे लिखे.

Friday, 9 November 2012

गुलाब जामुन - Gulab Jamun


गुलाब जामुन

गुलाब जामुन एक ऐसी मिठाई है जो घर मे हर बड़े और बच्चे को पसंद आती है. चाहे त्योहार हो या कोई और मौका गुलाब जामुन से इसकी रंगत बढ जाती है. तो आइए हम गुलाब जामुन बनाते है.
आवश्यक सामग्री -
खोया (मावा) - 250 ग्राम
पनीर - 100 ग्राम
मैदा - 20 - 30 ग्राम
चीनी - 600 ग्राम
घी - तलने के लिये
विधि -
एक चौड़े और बड़े बर्तन में मावा, पनीर और मैदा को ले और हाथ से तब तक मलें जब तक यह नरम, चिकना गूथे हुये आटे जैसा न हो जाए. अब गुलाब जामुन बनाने के लिये मिश्रण तैयार है.
गुलाब जामुन तलने से पहले चाशनी बना कर तैयार कर लीजिये. एक बर्तन में चीनी ले और उसमे चीनी की मात्रा का आधा पानी मिलाकर इसे गॅस पर चाशनी बनने के लिये रखिये. जब चाशनी में उबाल आ जाय और चीनी पानी में पूरी तरह घुल जाय उसके बाद 2 मिनिट तक और पकायें. चाशनी की 1-2 बूंद प्लेट में टपकायें. अंगूठे और अंगुली के बीच चिपका कर देखे, चाशनी उंगली और अंगूठे के बीच चिपकनी चाहिये, आधा तार की चाशनी (यानी तार बहुत ही कम दूरी तक बने) तो चाशनी तैयार हो गयी है.
मिश्रण से थोड़ा सा मिश्रण, करीब एक छोटी चम्मच, निकालिये, उसे दोनों हथेलियों के बीच रख कर गोल करिये, मावा का गोला अच्छी तरह बन जाने के बाद प्लेट में रख लीजिये. गोले एकदम चिकने होने चाहिए बिना दरार के. इसी प्रकार सारे गोले तैयार कर लीजिये.
अब कढ़ाई में घी गरम कीजिये. गुलाब जामुन तलने से पहले इनको टैस्ट करें, इसके लिए एक गुलाब जामुन को घी में डाल कर तलें और यदि यह फट रहा है, तो मिश्रण में थोड़ा मैदा और मिलायें. 3-4 गोले, कढ़ाई में डालें और तलें (तलने के लिए गैस धीमी रखें. गुलाब जामुन को तलते समय उस पर कलछी न लगायें बल्कि गरम गरम घी उसपर कलछी से डालें और इनको हल्के से हिला हिला कर तलें, इनको चारों तरफ से ब्राउन होने तक तल लीजिये. अब गुलाब जामुन निकाल कर प्लेट में रखिये. 1 मिनिट बाद थोड़ा ठंडा होने पर इन्हे चाशनी में डुबा दीजिये. इसी तरह सारे गुलाब जामुन तल कर चाशनी में डुबो लीजिए. 1-2 घंटे में गुलाब जामुन चाशनी सोखकर तैयार हो जायेंगें.
आपके गुलाब जामुन तैयार हो जाए है. इन्हें गरम या ठंडे जैसे चाहे परोसिये.
नोट:
1. यदि गुलाब जामुन ज्यादा सख्त बन रहे हों तो मावा में थोड़ा सा  ( एक से डेड टेबल स्पून ) दूध मिलाकर अच्छी तरह मल लें.
2. गुलाब जामुन अधिक गरम चाशनी में मत डालिये.
इस रेसिपी से सबंधित प्रश्ना, सुझाव एवं अनुभव हमे लिखे.

Saturday, 20 October 2012

स्पॉंजी रसगुल्ले


स्पॉंजी रसगुल्ले


बंगाली स्पॉंजी रसगुल्ले बहुत ही टेस्टी होते है और मुह मे रखते ही घुल जाते है, आज हम बंगाली स्पंज रसगुल्ले बनायेंगे लेकिन इन्हे जल्दी बनाने के लिये कुकर मे बनायेंगे.

आवश्यक सामग्री - 

दूध - 1 लीटर 
चीनी - 300 ग्राम 
नीबू का रस - दो नीबू का रस 

विधि - 
किसी बर्तन मे दूध डालकर गरम करने के लिये रखिये. दूध में उबाल आने पर दूध को उतार लीजिये, और थोड़ा सा ठंडा कर लीजिये मतलब दूध को 80 प्रतिशत तक गरम रहने दीजिये. नीबू के रस में जितना रस है, उतना ही पानी मिला दे अब .

दूध में  1 - 1 टेबल स्पून करके नीबू का रस डाले और मिक्स करे, दूध के अच्छी तरह फटने तक नीबू का रस डालते जाइए और मिक्स करते जाइये, जब दूध अच्छी तरह फट जाय रस डालना बन्द कर दीजिये, और फटे हुये दूध को किसी सूती कपड़े से छान लीजिये. छैना कपड़े में रह जायेगा. छैना के ऊपर 1-2 कप ठंडा पानी डालिये, छैना ठंडा भी हो जायेगा और छैना से नीबू का खट्टा स्वाद भी निकल जायेगा. कपड़े को चारों ओर से उठाकर, हाथ से छैना को दबाते हुये छैना से सारा पानी निचोड़ दीजिये.  सॉफ्ट छैना बनकर तैयार है.

अब छैना को किसी बर्तन में निकालिये, हाथ से छैना को दबाते हुये, पलट पलट कर 4-5 मिनिट तक मल कर नरम और चिकना कीजिये. अब छैना को 10 - 12, भागों में बांट लीजिये. एक भाग उठाइये और हाथ से लड्डू की तरह दबाकर पहले उसे बाइन्ड कीजिये, और अब गोल आकार देकर चिकना कीजिये. सारे गोले बनाकर तैयार कर लीजिये.

रसगुल्ले कुकर में पका लीजिये, कुकर में रसगुल्ले बहुत जल्दी पक जाते हैं रसगुल्ले पकाने के लिये, ज्यादा तापमान की आवश्यकता होती है..

अब कुकर में चीनी, 4 कप पानी डालिये, इसमे उबाल आने दीजिये, उबाल आने पर छैना के बने गोले कुकर में एक एक करके डालिये, और कुकर का ढक्कन बन्द कर दीजिये. 1 सीटी आने के बाद, गॅस को थोड़ा कम कर दिजिये, और रसगुल्ले को 7-8 मिनिट तक पकाने के बाद गॅस बन्द कर दीजिये.

कुकर को नल के नीचे लगा दीजिये, ताकि वह जल्दी से ठंडा हो जाय और खुल जाय. सावधानी से ढक्कन खोलिये, कुकर से रसगुल्ले चाशनी के साथ निकाल कर किसी प्लेट में रखिये और रसगुल्ले को 5-6 घंटे के लिए ठंडे होने दीजिये, फिर इन्हे ठंडा ठंडा परोसिये और खाइये.

स्पंज रसगुल्ले को आप फ्रिज में 7 दिन तक रख सकते हैं.

नोट:
(1) छैना के गोले अगर उबलते पानी में न डाले जायें तो बे टूट कर बिखर जाते हैं. रसगुल्ले उबालते समय पानी में हमेशा उबाल रहना आवश्यक है. 
(2) छैना बनाने के लिये दूध को थोड़ा ठंडा अवश्य करें. एसा करने से छैना नरम बनता है, और रसगुल्ले अच्छे स्पंजी बनते हैं.छैना अगर सख्त हो तो रसगुल्ले भी सख्त बनेगे या बिखर जाएँगे.

इस रेसिपी से सबंधित प्रश्ना, सुझाव एवं अनुभव हमे लिखे.

Friday, 19 October 2012

नारियल के लड्डू


नारियल के लड्डू


ये तुरत फुरत बनने बाले लड्डू हैं, और स्वाद में भी बेजोड़ है. आप दिवाली जैसे त्योंहार पर भी नारियल के लड्डू बना सकते हैं.
नारियल के लड्डू कच्चे नारियल या सूखे नारियल दोनों से बनाये जा सकते है.

आवश्यक सामग्री - 

नारियल (कद्दूकस किया) - 250 ग्राम
खोया (मावा) - 250 ग्राम
बूरा  - 300 ग्राम
मेवा कटे हुए - आधा कप काजू, बादाम, चिरोंजी, किसमिस
छोटी इलाइची पाउडर - एक छोटी चम्मच

विधि - 

सबसे पहले खोया को कढ़ाई में डालकर हल्का ब्राउन होने तक भून लीजिये. भुना खोया जब हल्का गरम रह जाय तब उसमे बूरा,  नारियल (थोड़ा सा नारियल का चूरा बचा ले ये लड्डू के ऊपर लपेटने के काम आएगा), इलाइची डाल कर मिश्रण तैयार कर लीजिए और इसके लड्डू बना लीजिए, इनको नारियल के चूरा में लपेट कर, थाली में या एक डिब्बे मे रख लीजिये.

अब आपके नारियल के लड्डू तैयार हैं. नारियल के लड्डू लड्डू आप फ्रिज में रखकर 7 दिन तक खा सकते हैं.

नोट: यदि कच्चा नारियल लें तो इसे कद्दूकस करने के बाद एक चमचा घी में अच्छी तरह भून लीजिये.

इस रेसिपी से सबंधित प्रश्ना, सुझाव एवं अनुभव हमे लिखे.

ब्रेड की बालूशाही


ब्रेड की बालूशाही:-


                 बालूशाही तो सभी को पसंद होती है पर इस को बनाना इतना आसान नही होता इसलिए आज हम बनाएगे ब्रेड की बालूशाही. दीवाली पर बनाने के लिए यह रेसिपी बहुत ही आसान ओर टेस्टी है.


सामग्री : 
10 से 12 स्लाइस ब्रेड -  सैंडविच वाली वाइट ब्रेड
250 ग्राम -  चीनी
200 ग्राम -  मावा या खोया
1/4 कटोरी -  कटे बादाम व पिस्ते
थोड़ी सी - केसर
1 चम्मच- चिरोंजी
 इलायची पाउडर- 1/२ छोटी चम्मच
 तलने के लिए - घी

विधि : 
एक कड़ाही में मावे को गुलाबी होने तक हल्का भून ले . अब इसमे  ड्रायफ्रूट्‍स और ‍इलायची पाउडर मिला ले. अब ब्रेड के ब्राउन किनारे चाकू की सहायता से काट कर निकाल दे.  दूध को एक गहरी प्लेट में निकले ओर इसमे ब्रेड को हल्का-सा भिगोकर   उसे हाथ पर रखे ओर उसमें थोड़ा-थोड़ा खोए का मिश्रण भरें। हाथ से दबाकर ब्रेड को इस प्रकार बंद करे जैसे हम ब्रेड रोल को करते है. अब इसे हाथ से हल्का सा दबाकर बालूशाही का आकार (थोड़ा चपटा कर दे) दें।

इसी तरह से सभी बालूशाही तैयार कर ले. अब एक-दो बूंद दूध में केसर को भिगोकर हर बालूशाही के बीच में अंगूठे से हल्के-से दबाते हुए टीका लगा दें। अब चीनी की दो तार की चाशनी बना लें। कड़ाही मे घी गरम करे ओर सभी बालूशाही को सुनहरी होने तक तल लें। अब तैयार बालूशाही को चाशनी में डाल दें। थोड़ी देर बाद चाशनी से निकाल कर लाजवाब ब्रेड की बालूशाही कटे पिस्ते व चाँदी के वरक से सज़ा कर पेश करें।

नोट;- चासनी से बालूसाही को 4-5 मिनिट मे निकाल ले ज़्यादा देर तक छोड़ने पर ये ज़रूरत से ज़्यादा नरम हो कर टूट सकती है.

Thursday, 18 October 2012

पेड़े (मथुरा वाले)


पेड़े (मथुरा वाले)


जिसने खाए है वो यही कहता है कि मथुरा के पेड़े से अच्छा और स्वादिष्ट पेड़ा कहीं और नहीं मिलते, ये आम पेड़ों से अलग ब्राउन रंग के होते है. तो आईये आज हम आपको मथुरा जी के पेड़े बनाना सीखते हैं.

पारम्परिक मथुरा जी के पेड़े बनाने के लिये मावा और पीसी हुई चीनी का उपयोग होता है,  मावा और पीसी हुई चीनी आप बाजार से ला सकते हैं ध्यान दे कि मावा दानेदार लेकर आयें और पीसी हुई चीनी (बूरा) आप घर पर बना सकते है, ये भी दानेदार होना चाहिए.

मथुरा जी के पेड़े बनाते समय मावा को अधिक से अधिक भूना जाता है.  मावा भूनते समय बीच बीच में थोड़ा थोड़ा दूध या घी डालते रहते हैं जिससे इसे अधिक भूनना आसान हो जाता है. भूनते समय मावा जलता नहीं और मावा का कलर हल्का ब्राउन हो जाता है, मावा जितना अच्छा भुनता है स्वाद भी उतना ही अच्छा होता है. आइये बनाना शुरू करते हैं मथुरा के पेड़े.

आवश्यक सामग्री -

खोया या मावा - 250 ग्राम
पीसी हुई चीनी (बूरा) - 250 ग्राम
घी - 2 टेबल स्पून या 1/4 कप दूध
छोटी इलाइची पाउडर - एक बड़ा चम्मच

विधि -

कढ़ाई में मावा डाल कर भूनिये (कढ़ाई भारी तले की होनी चाहिए),भूनते समय लगातार कलछी से चलाते हुये भूनिये मावा कढ़ाई में लगना नहीं चाहिये, जब मावा भुनते भुनते रंग बदलने लग जाय तब उसमें थोड़ा थोड़ा सा घी या दूध मिलाते रहिये और चला चला कर तब तक भूनिये जब तक कि वह ब्राउन कलर का न हो जाय. मथुरा के पेंडो के लिए मावा ब्राउन कलर का होना चाहिए.

मावा को ठंडा होने दीजिये, जब ये ठंडा हो जाय तब उसमें 200 ग्राम बूरा डाल कर अच्छी तरह मिलाइये, इलाइची पाउडर भी इस मिश्रण में मिला दीजिये. साधारण पेड़ों की तुलना मे मथुरा के पेड़ों मे इलायची ज़्यादा होता है. पेड़े का मिश्रण तैयार है.

बचा हुआ 50 ग्राम बूरा एक प्लेट में निकालिए. मिश्रण से थोड़ा सा मिश्रण एक छोटे नीबू के बराबर निकालिये और हाथ में लेकर गोल  करके, हाथ से दबा कर, पेड़े का आकार दीजिये,  पेड़े को प्लेट में रखे हुये बूरे में लपेटिये और अपने दोंनो हाथों की हथेलियों से पेड़े को हल्का सा दबाकर प्लेट में रखते जाइए, आपके लाजबाव मथुरा के पेड़े तैयार हैं.

पेड़े को 2-3  घंटे के लिये खुले पंखे की हवा में छोड़ दीजिये, ये थोड़े खुश्क हो जायेंगे.  अब आप इनको एअर टाइट कन्टेनर में भर कर, फ्रिज में रख दीजिये. यदि मावा अच्छी तरह भूना गया है तो ये पेड़े आप 15 दिन भी रख कर खा सकते हैं. सर्दियों के दिनों मे आप इन्हे बाहर हो रख सकते है.

नोट: मथुरा के पेड़े पारंपरिक तरीके से गाय के दूध के खोए से बनाए जाते है, यह उपलब्ध ना होने पर भैस के दूध का खोया भी इस्तेमाल कर सकते है.

Saturday, 15 September 2012

बेसन की बर्फी


बेसन की बर्फी

त्यौहार का समए हो या कोई दूसरा विशेष अवसर, मिठाई तो जरूरी है ही. तो जब कभी मिठाई बनाना हो तो बस घर में मौजूद बेसन घी, सूखे मेवे और चीनी से बेसन की बर्फी बना सकते है.

आवश्यक सामग्री -
बेसन - 2 कप ( 250 ग्राम)
चीनी - 1 कप ऊपर तक भरा हुआ ( 250 ग्राम)
देशी घी - 1 कप ( 200 ग्राम)
काजू - 2 टेबल स्पून
पिस्ते - 1 टेबल स्पून
दूध - 2 टेबल स्पून
छोटी इलाइची - 4

बनाने की विधि: -
बेसन को किसी थाली में निकाल कर, दूध और 2 चम्मच (टेबल स्पून) घी डाल कर मिलाइये, दोनों हाथों की हथेलियों से मसल कर बेसन, घी और दूध को अच्छी तरह से मिक्स करके, इस मिश्रण को स्टील के तार वाली छलनी से छान कर बेसन का दाना तैयार कीजिये.  इस बेसन में दाना बनने जाने के बाद बेसन की बर्फी का स्वाद कई गुना बढ जाता है.
काजू के 6-8 टुकड़े करे. पिस्ते को पतले पतले लम्बाई में काट लीजिये. इलाइची को छीलकर बारीक कूट कर इसका पाउडर बना लीजिये.
अब कढ़ाई में घी डालकर गरम कीजिये. घी में बेसन का दाना डालिये और धीमी आग पर, बेसन को लगातार चलाते हुये अच्छी महक आने तक या हल्का ब्राउन होने तक या बेसन से घी अलग होने तक भून लीजिये. इस भुने बेसन को किसी प्लेट में निकाल कर रख लीजिये.
कढ़ाई में चीनी और आधा कप पानी डालिये, चीनी घुलने तक चाशनी को पकाइये, चीनी घुलने के बाद चाशनी को 2 मिनिट और पकाइये और चैक कीजिये, थोड़ी सी चाशनी कलछी से प्लेट में टपकाइये और चाशनी के ठंडा होने पर, उंगली और अंगूठे से चिपका कर देखिये.  चाशनी को दो तार की होने तक पकाईये.

चासनी बनने के बाद बेसन डालिये और 1-2 मिनिट चमचे से चलाते हुये, मिक्स करते हुये पकाइये. काजू और इलाइची पाउडर डालकर मिक्स कर दीजिये, बर्फी को जमने वाली कनिसिस्टैन्सी पर पहुंच गई होती है. चैक कर लीजिये.
किसी प्लेट या ट्रे में थोड़ा घी लगाकर चिकना कीजिये, बर्फी का मिश्रण प्लेट में डालिये और कलछी से एक जैसा फैला दीजिये, बर्फी के ऊपर कतरे हुये पिस्ते डालकर, चम्मच से दबा दीजिये.  बर्फी को जमने रख दीजिये, 1-2 घंटे में बर्फी जम कर तैयार हो जाती है.
जमी हुई बेसन बर्फी (बेसन बरफी) को अपने मनपसन्द टुकड़ों में काट कर तैयार कर लीजिये.
बहुत ही स्वादिष्ट बेसन की बर्फी  बन कर तैयार है, बेसन की बर्फी को एअर टाइट कन्टेनर में भर कर रख लीजिये और 15 दिन तक खाते रहिये.

हमारे सुझाव:

बेसन भूनते समय लगातार चलाते हुये, मीडियम आग पर भूनना है, बेसन जलना नहीं चाहिये.
चाशनी को चैक करते हुये पकायें. बेसन की बर्फी अगर 6 घंटे में भी जमकर तैयार न हो तो बर्फी को फिर से कढ़ाई में डालें और गरम होने पर या घी पिघलने पर 2-3 मिनिट भूनें और फिर से जमा दें.
बेसन की बर्फी अगर बहुत सख्त हो गई हो तब कढ़ाई में 2 टेबल स्पून दूध डालें, गरम करें और सख्त बर्फी को गरम दूध में डाल दें, धीमी गैस पर बर्फी को कलछी से तोड़ते हुये नरम होने तक पकायें और जैसे ही मिश्रण एकसार लगने लगे बर्फी को फिर प्लेट में घी लगाकर जमादें, बर्फी सोफ्ट होकर जम जायेगी.

इस रेसीपी को बनाए और अपने प्रश्न, अनुभव एवम् सुझाव हमसे बताए.  

बेसन का हलवा


बेसन का हलवा

बेसन का हलवा बनाने की कई विधियाँ है लेकिन राजस्थानी पारम्परिक का बेसन हलवा अपने मे कुछ ख़ास ही हे.  ये हलवा झटपट और आसान तरीके से बनाया जा सकता हे और इसका स्वाद आप आसानी से नहीं भूल पायेंगे.

आवश्यक सामग्री - 
बेसन - 1 कप
दूध - 1 कप
चीनी - 1 कप
घी - 1/3 कप (लगभग 70 ग्राम)
छोटी इलाइची - 4
पिस्ते - 1 टेबल स्पून

विधि - 

बेसन को दूध में एकदम चिकना होने तक घोले और इस घोल को 5 मिनिट के लिये ढककर रख दीजिये.
तब तक इलाइची छील कर, उसको कूट कर पाउडर बना लीजिये. पिस्ते को बारीक पतले पतले काट लीजिये.

बर्तन में घी डाल कर इसको गरम कीजिये (बर्तन नोन स्टिक हो तो बहुत अच्छा है), एक छोटी चम्मच घी इसमे से बचा लीजिये जिसे हलवा बनने के बाद डालेंगे.  जब घी मेल्ट हो जाए तो उसमे घुला हुआ बेसन डालिये और हलवे को 2 मिनिट नीचे से हल्का ब्राउन होने तक सिकने दीजिये.

अब बेसन को पलट दीजिये (बेसन को साबुत चीले की तरह रखने न रखे).  बेसन को दूसरी ओर भी 1/2 - 1 मिनिट तक बिलकुल हल्का ब्राउन सेक लीजिये और कलछी से बेसन को मैस करते हुये भूने. बेसन को मैस करते हुये और लगातार चलाते हुये, धीमी और मीडियम गैस पर जब तक भूनिये तब तक कि वह ब्राउन न दिखने लगे और बेसन से अच्छी महक न आने लगे.  १४- १५ मिनिट में बेसन अच्छी तरह भुन कर तैयार हो जाता है.

बेसन भुनने के बाद, भुने बेसन में 1 कप पानी और चीनी डालकर मिलाइये और मिक्स कीजिये.  हलवा को कलछी से चलाते हुये तब तक पकाइये जब तक कि हलवा गाढ़ा न हो जाय और कढ़ाई का तला न छोड़ दे.
बेसन का हलवा तैयार है, बेसन के हलवे को प्याली में निकालिये, ऊपर से जो घी हमने बचाया था डाल दीजिये, धी को मेल्ट होने दीजिये, हलवे के ऊपर कतरे हुये पिस्ते डालकर सज़ा लीजिए.
और अब गरमा गरम बेसन का हलवा परोसिये और खाइये.

सुझाव:
वैसे तो इस बेसन के हलवे मे सिर्फ इलायची ही काफीं हैं. लेकिन आप इसमें अपनी पसन्द के अनुसार कोई भी ड्राई फ्रूट डाल सकते हैं.

इस रेसीपी को बनाए और अपने प्रश्न, अनुभव एवम् सुझाव हमसे बताए.  

गाजर का हलुआ


गाजर का हलुआ

सर्दियों के मौसम मे जब कुछ मीठा खाने का मन हो तो क्यों न गाजर का हलवा बना लिया जाय. तो आइये गाजर का हलवा बनाना शुरू करते हैं.

आवश्यक सामग्री - 

गाजर -1 कि. ग्राम (8-10 गाजर मध्यम आकार की)
चीनी-250 ग्राम (1 1/4 कप )
मावा (खोया) -250 ग्राम (1 कप )
दूध - 1/2 - 1 कप
देशी घी - एक टेबल स्पून
किशमिश - एक टेबल स्पून (डठल तोड़ लीजिये)
काजू -  12-15 ग्राम (4-5 टुकड़े करते हुये काट लीजिये)
नारियल- एक टेबल स्पून ( कद्दूकस किया हुआ) (यदि आप चाहें)
छोटी इलाइची- 5-6 (छील कर पीस लीजिये)

विधि:- 

गाजर का हलवा बनाने के लिये, आप एक किलो लाल गाजर लीजिये. गाजर को छील कर  धो लीजिये और इन्हैं कद्दू कस कर लीजिये. मावा को एक कढाई में डाल कर धीमी आग पर भून लीजिये. भुना हुआ मावा एक प्याले में डाल कर रख लीजिये.

कद्दूकस किये हुये गाजर, कढाई में डाल कर गैस पर रखिये, दूध डालकर मिला दीजिये, गाजर को नरम होने तक पकने दीजिये. अब गाजर में चीनी मिला दीजिये, थोडी थोडी देर में चलाते रहैं, गाजर का रस निकलने लगेगा, आप उसे हर 2 मिनिट के बाद चलाते रहैं, सारा गाजर का रस जलने तक गाजर को पका लीजिये.पकी गाजरों में घी डाल कर भून लीजिये, किशमिश, काजू और मावा मिला दीजिये. हलवे को चलाते हुये ३-४ मिनिट तक पकायें, गैस बन्द कर दें और पीसी हुई इलाइची मिला दीजिये. आपका गाजर का हलवा तैयार है.
गाजर के हलवे  पर कद्दूकस किये हुये नारियल को डालकर सजा दीजिये.  गरमा गरम या ठंडा गाजर का हलवा (कॅरोट पुड्डिंग) परोसिये और खाइये. बचा हुआ गाजर का हलवा ठंडा होने के बाद कन्टेनर में भर कर, फ्रिज में रख लीजिये और 7 दिन तक रोजाना खाइये.

सुझाव: गाजर का हलवा में सूखे मेवा आप अपने पसन्द के अनुसार कम ज्यादा कर सकते हैं.

इस रेसीपी को बनाए और अपने प्रश्न, अनुभव एवम् सुझाव हमसे बताए.