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Tuesday, 2 October 2012

आलू का हलवा



आलू का हलवा :-


                ये हलवा आप व्रत मे या कभी भी जब आप का दिल चाहे बना ओर खा सकते है. ये छोटे बच्चो के लिए भी अच्छी रेसिपी है क्योकि ये टेस्टी होने के साथ-साथ पोष्टिक भी है. तो आइए इसे बनाना शुरू करते है.

आवश्यक सामग्री :-

                 आलू उबले,छिले,व कद्दूकस किए हुए - 6 मीडियम साइज़ के
                 घी - 1/2 कप
                 दूध - 1 कप
                 पीसी चीनी - डेढ़ कप
                 इलायची पाउडर - 1 छोटी चम्मच
                 मेवे - 1/2 कप (अपनी पसंद के)

विधि :-

       एक भारी तले की कड़ाही को गरम होने रखिए ओर उसमे घी डालिए .घी गरम होने पर उसमे उबले कसे हुए आलू डालिए ओर लगातार चलाते हुए मीडियम गॅस पर हल्का ब्राउन होने तक भूने .जितना अच्छी तरह आप इसे भूनेगे उतना ही टेस्टी ये बनेगा. जब आलू भुन जाए तब इसमे पीसी चीनी व दूध डाल कर चलाते हुए भूने.जब आलू व घी अलग-अलग नज़र आने लगे तब इसमे मेवे व इलायची पाउडर मिलाए ओर गरमा-गरम सर्व करे.

इस रेसिपी से सबंधित प्रश्ना, सुझाव एवं अनुभव हमे लिखे.


























































Saturday, 15 September 2012

बेसन का हलवा


बेसन का हलवा

बेसन का हलवा बनाने की कई विधियाँ है लेकिन राजस्थानी पारम्परिक का बेसन हलवा अपने मे कुछ ख़ास ही हे.  ये हलवा झटपट और आसान तरीके से बनाया जा सकता हे और इसका स्वाद आप आसानी से नहीं भूल पायेंगे.

आवश्यक सामग्री - 
बेसन - 1 कप
दूध - 1 कप
चीनी - 1 कप
घी - 1/3 कप (लगभग 70 ग्राम)
छोटी इलाइची - 4
पिस्ते - 1 टेबल स्पून

विधि - 

बेसन को दूध में एकदम चिकना होने तक घोले और इस घोल को 5 मिनिट के लिये ढककर रख दीजिये.
तब तक इलाइची छील कर, उसको कूट कर पाउडर बना लीजिये. पिस्ते को बारीक पतले पतले काट लीजिये.

बर्तन में घी डाल कर इसको गरम कीजिये (बर्तन नोन स्टिक हो तो बहुत अच्छा है), एक छोटी चम्मच घी इसमे से बचा लीजिये जिसे हलवा बनने के बाद डालेंगे.  जब घी मेल्ट हो जाए तो उसमे घुला हुआ बेसन डालिये और हलवे को 2 मिनिट नीचे से हल्का ब्राउन होने तक सिकने दीजिये.

अब बेसन को पलट दीजिये (बेसन को साबुत चीले की तरह रखने न रखे).  बेसन को दूसरी ओर भी 1/2 - 1 मिनिट तक बिलकुल हल्का ब्राउन सेक लीजिये और कलछी से बेसन को मैस करते हुये भूने. बेसन को मैस करते हुये और लगातार चलाते हुये, धीमी और मीडियम गैस पर जब तक भूनिये तब तक कि वह ब्राउन न दिखने लगे और बेसन से अच्छी महक न आने लगे.  १४- १५ मिनिट में बेसन अच्छी तरह भुन कर तैयार हो जाता है.

बेसन भुनने के बाद, भुने बेसन में 1 कप पानी और चीनी डालकर मिलाइये और मिक्स कीजिये.  हलवा को कलछी से चलाते हुये तब तक पकाइये जब तक कि हलवा गाढ़ा न हो जाय और कढ़ाई का तला न छोड़ दे.
बेसन का हलवा तैयार है, बेसन के हलवे को प्याली में निकालिये, ऊपर से जो घी हमने बचाया था डाल दीजिये, धी को मेल्ट होने दीजिये, हलवे के ऊपर कतरे हुये पिस्ते डालकर सज़ा लीजिए.
और अब गरमा गरम बेसन का हलवा परोसिये और खाइये.

सुझाव:
वैसे तो इस बेसन के हलवे मे सिर्फ इलायची ही काफीं हैं. लेकिन आप इसमें अपनी पसन्द के अनुसार कोई भी ड्राई फ्रूट डाल सकते हैं.

इस रेसीपी को बनाए और अपने प्रश्न, अनुभव एवम् सुझाव हमसे बताए.  

गाजर का हलुआ


गाजर का हलुआ

सर्दियों के मौसम मे जब कुछ मीठा खाने का मन हो तो क्यों न गाजर का हलवा बना लिया जाय. तो आइये गाजर का हलवा बनाना शुरू करते हैं.

आवश्यक सामग्री - 

गाजर -1 कि. ग्राम (8-10 गाजर मध्यम आकार की)
चीनी-250 ग्राम (1 1/4 कप )
मावा (खोया) -250 ग्राम (1 कप )
दूध - 1/2 - 1 कप
देशी घी - एक टेबल स्पून
किशमिश - एक टेबल स्पून (डठल तोड़ लीजिये)
काजू -  12-15 ग्राम (4-5 टुकड़े करते हुये काट लीजिये)
नारियल- एक टेबल स्पून ( कद्दूकस किया हुआ) (यदि आप चाहें)
छोटी इलाइची- 5-6 (छील कर पीस लीजिये)

विधि:- 

गाजर का हलवा बनाने के लिये, आप एक किलो लाल गाजर लीजिये. गाजर को छील कर  धो लीजिये और इन्हैं कद्दू कस कर लीजिये. मावा को एक कढाई में डाल कर धीमी आग पर भून लीजिये. भुना हुआ मावा एक प्याले में डाल कर रख लीजिये.

कद्दूकस किये हुये गाजर, कढाई में डाल कर गैस पर रखिये, दूध डालकर मिला दीजिये, गाजर को नरम होने तक पकने दीजिये. अब गाजर में चीनी मिला दीजिये, थोडी थोडी देर में चलाते रहैं, गाजर का रस निकलने लगेगा, आप उसे हर 2 मिनिट के बाद चलाते रहैं, सारा गाजर का रस जलने तक गाजर को पका लीजिये.पकी गाजरों में घी डाल कर भून लीजिये, किशमिश, काजू और मावा मिला दीजिये. हलवे को चलाते हुये ३-४ मिनिट तक पकायें, गैस बन्द कर दें और पीसी हुई इलाइची मिला दीजिये. आपका गाजर का हलवा तैयार है.
गाजर के हलवे  पर कद्दूकस किये हुये नारियल को डालकर सजा दीजिये.  गरमा गरम या ठंडा गाजर का हलवा (कॅरोट पुड्डिंग) परोसिये और खाइये. बचा हुआ गाजर का हलवा ठंडा होने के बाद कन्टेनर में भर कर, फ्रिज में रख लीजिये और 7 दिन तक रोजाना खाइये.

सुझाव: गाजर का हलवा में सूखे मेवा आप अपने पसन्द के अनुसार कम ज्यादा कर सकते हैं.

इस रेसीपी को बनाए और अपने प्रश्न, अनुभव एवम् सुझाव हमसे बताए.