Showing posts with label deewali sweets. Show all posts
Showing posts with label deewali sweets. Show all posts

Sunday, 11 November 2012

काजू कतली


काजू कतली


काजू कतली तो सभी को पसंद आती है पर ज़्यादातरलोग समझते है की इसे बनाना बहुत होगा जबकि काजू कतली को बनाना बहुत ही आसान है. तो आइए इस दीवाली इसे घर पर ही बनाए.
आवश्यक सामग्री -
काजू - 400 ग्राम
चीनी - 200 ग्राम
रोज़ असेंसे - 1 छोटी चम्मच
कॉर्न स्टार्च - 1 छोटी चम्मच

विधि -
सबसे पहले काजू को लगभग एक से डेढ़ घंटे के लिए गरम पानी में भिगो दीजिये. इसके बाद काजू को पानी से निकाल कर मिक्सी में एकदम महीन पीस लें. इसमे पानी का इस्तेमाल ना के बराबर करे. काजू के पेस्ट में पिसी हुई चीनी अच्छी तरह मिला लीजिये. अब गॅस पर एक कड़ाही गरम होने रखे और इसमें काजू और चीनी का पेस्ट डाल कर मीडियम आग पर पकाए.
मिश्रण को लगातार चलाते हुये जमने वाली कन्सिसटेन्सी तक पका लीजिये, जब मिश्रण पूरी तरह पाक कर कड़ाई छोड़ने लगे तो गैस बन्द कर दीजिये और इसमे कॉर्न स्टार्च व रोज़ ऐसेंस मिला दीजिये. जब मिश्रण इतना ठंडा हो जाय कि हाथ में रखा जा सके, तब हाथ से गोल करके लोई की तरह बनाकर तैयार कर लीजिये.
मिश्रण से बनी लोई को लकड़ी के बोर्ड या किचन स्लॅब पर रखे घी लगे बटर पेपर पर रखकर, बेलन से रोटी की तरह पतला बेल लें, बेलन पर भी घी लगाकर चिकना करले जमने पर इसे मनपसन्द साइज के टुकड़ों में काट लीजिये.
अब हमारी काजू कतली तैयार है. इसको फ्रिज में रखकर 15-20 दिन तक खाया जा सकता है.
नोट: (1) आप चाहें तो लोई को बेलने के लिए इसे 2 चौकोर पोलीथिन के टुकड़ो मे अन्दर की तरफ घी लगायें और इनके बीच लोई रखें और पतला बेल लें.
(2) यदि आप चाँदी के वर्क लगाना चाहते है तो लोई बेलने के बाद उसके उपर हल्के हाथ से चाँदी का वर्क लगा दे. वैसे आजकल वर्क बनाने मे चमड़े का इस्तेमाल होता है इसलिए अगर आप इसे न लगाना चाहे तो इसे सादा भी बना सकते है.
इस रेसिपी से सबंधित प्रश्ना, सुझाव एवं अनुभव हमे लिखे.

Saturday, 20 October 2012

स्पॉंजी रसगुल्ले


स्पॉंजी रसगुल्ले


बंगाली स्पॉंजी रसगुल्ले बहुत ही टेस्टी होते है और मुह मे रखते ही घुल जाते है, आज हम बंगाली स्पंज रसगुल्ले बनायेंगे लेकिन इन्हे जल्दी बनाने के लिये कुकर मे बनायेंगे.

आवश्यक सामग्री - 

दूध - 1 लीटर 
चीनी - 300 ग्राम 
नीबू का रस - दो नीबू का रस 

विधि - 
किसी बर्तन मे दूध डालकर गरम करने के लिये रखिये. दूध में उबाल आने पर दूध को उतार लीजिये, और थोड़ा सा ठंडा कर लीजिये मतलब दूध को 80 प्रतिशत तक गरम रहने दीजिये. नीबू के रस में जितना रस है, उतना ही पानी मिला दे अब .

दूध में  1 - 1 टेबल स्पून करके नीबू का रस डाले और मिक्स करे, दूध के अच्छी तरह फटने तक नीबू का रस डालते जाइए और मिक्स करते जाइये, जब दूध अच्छी तरह फट जाय रस डालना बन्द कर दीजिये, और फटे हुये दूध को किसी सूती कपड़े से छान लीजिये. छैना कपड़े में रह जायेगा. छैना के ऊपर 1-2 कप ठंडा पानी डालिये, छैना ठंडा भी हो जायेगा और छैना से नीबू का खट्टा स्वाद भी निकल जायेगा. कपड़े को चारों ओर से उठाकर, हाथ से छैना को दबाते हुये छैना से सारा पानी निचोड़ दीजिये.  सॉफ्ट छैना बनकर तैयार है.

अब छैना को किसी बर्तन में निकालिये, हाथ से छैना को दबाते हुये, पलट पलट कर 4-5 मिनिट तक मल कर नरम और चिकना कीजिये. अब छैना को 10 - 12, भागों में बांट लीजिये. एक भाग उठाइये और हाथ से लड्डू की तरह दबाकर पहले उसे बाइन्ड कीजिये, और अब गोल आकार देकर चिकना कीजिये. सारे गोले बनाकर तैयार कर लीजिये.

रसगुल्ले कुकर में पका लीजिये, कुकर में रसगुल्ले बहुत जल्दी पक जाते हैं रसगुल्ले पकाने के लिये, ज्यादा तापमान की आवश्यकता होती है..

अब कुकर में चीनी, 4 कप पानी डालिये, इसमे उबाल आने दीजिये, उबाल आने पर छैना के बने गोले कुकर में एक एक करके डालिये, और कुकर का ढक्कन बन्द कर दीजिये. 1 सीटी आने के बाद, गॅस को थोड़ा कम कर दिजिये, और रसगुल्ले को 7-8 मिनिट तक पकाने के बाद गॅस बन्द कर दीजिये.

कुकर को नल के नीचे लगा दीजिये, ताकि वह जल्दी से ठंडा हो जाय और खुल जाय. सावधानी से ढक्कन खोलिये, कुकर से रसगुल्ले चाशनी के साथ निकाल कर किसी प्लेट में रखिये और रसगुल्ले को 5-6 घंटे के लिए ठंडे होने दीजिये, फिर इन्हे ठंडा ठंडा परोसिये और खाइये.

स्पंज रसगुल्ले को आप फ्रिज में 7 दिन तक रख सकते हैं.

नोट:
(1) छैना के गोले अगर उबलते पानी में न डाले जायें तो बे टूट कर बिखर जाते हैं. रसगुल्ले उबालते समय पानी में हमेशा उबाल रहना आवश्यक है. 
(2) छैना बनाने के लिये दूध को थोड़ा ठंडा अवश्य करें. एसा करने से छैना नरम बनता है, और रसगुल्ले अच्छे स्पंजी बनते हैं.छैना अगर सख्त हो तो रसगुल्ले भी सख्त बनेगे या बिखर जाएँगे.

इस रेसिपी से सबंधित प्रश्ना, सुझाव एवं अनुभव हमे लिखे.

Friday, 19 October 2012

नारियल के लड्डू


नारियल के लड्डू


ये तुरत फुरत बनने बाले लड्डू हैं, और स्वाद में भी बेजोड़ है. आप दिवाली जैसे त्योंहार पर भी नारियल के लड्डू बना सकते हैं.
नारियल के लड्डू कच्चे नारियल या सूखे नारियल दोनों से बनाये जा सकते है.

आवश्यक सामग्री - 

नारियल (कद्दूकस किया) - 250 ग्राम
खोया (मावा) - 250 ग्राम
बूरा  - 300 ग्राम
मेवा कटे हुए - आधा कप काजू, बादाम, चिरोंजी, किसमिस
छोटी इलाइची पाउडर - एक छोटी चम्मच

विधि - 

सबसे पहले खोया को कढ़ाई में डालकर हल्का ब्राउन होने तक भून लीजिये. भुना खोया जब हल्का गरम रह जाय तब उसमे बूरा,  नारियल (थोड़ा सा नारियल का चूरा बचा ले ये लड्डू के ऊपर लपेटने के काम आएगा), इलाइची डाल कर मिश्रण तैयार कर लीजिए और इसके लड्डू बना लीजिए, इनको नारियल के चूरा में लपेट कर, थाली में या एक डिब्बे मे रख लीजिये.

अब आपके नारियल के लड्डू तैयार हैं. नारियल के लड्डू लड्डू आप फ्रिज में रखकर 7 दिन तक खा सकते हैं.

नोट: यदि कच्चा नारियल लें तो इसे कद्दूकस करने के बाद एक चमचा घी में अच्छी तरह भून लीजिये.

इस रेसिपी से सबंधित प्रश्ना, सुझाव एवं अनुभव हमे लिखे.

ब्रेड की बालूशाही


ब्रेड की बालूशाही:-


                 बालूशाही तो सभी को पसंद होती है पर इस को बनाना इतना आसान नही होता इसलिए आज हम बनाएगे ब्रेड की बालूशाही. दीवाली पर बनाने के लिए यह रेसिपी बहुत ही आसान ओर टेस्टी है.


सामग्री : 
10 से 12 स्लाइस ब्रेड -  सैंडविच वाली वाइट ब्रेड
250 ग्राम -  चीनी
200 ग्राम -  मावा या खोया
1/4 कटोरी -  कटे बादाम व पिस्ते
थोड़ी सी - केसर
1 चम्मच- चिरोंजी
 इलायची पाउडर- 1/२ छोटी चम्मच
 तलने के लिए - घी

विधि : 
एक कड़ाही में मावे को गुलाबी होने तक हल्का भून ले . अब इसमे  ड्रायफ्रूट्‍स और ‍इलायची पाउडर मिला ले. अब ब्रेड के ब्राउन किनारे चाकू की सहायता से काट कर निकाल दे.  दूध को एक गहरी प्लेट में निकले ओर इसमे ब्रेड को हल्का-सा भिगोकर   उसे हाथ पर रखे ओर उसमें थोड़ा-थोड़ा खोए का मिश्रण भरें। हाथ से दबाकर ब्रेड को इस प्रकार बंद करे जैसे हम ब्रेड रोल को करते है. अब इसे हाथ से हल्का सा दबाकर बालूशाही का आकार (थोड़ा चपटा कर दे) दें।

इसी तरह से सभी बालूशाही तैयार कर ले. अब एक-दो बूंद दूध में केसर को भिगोकर हर बालूशाही के बीच में अंगूठे से हल्के-से दबाते हुए टीका लगा दें। अब चीनी की दो तार की चाशनी बना लें। कड़ाही मे घी गरम करे ओर सभी बालूशाही को सुनहरी होने तक तल लें। अब तैयार बालूशाही को चाशनी में डाल दें। थोड़ी देर बाद चाशनी से निकाल कर लाजवाब ब्रेड की बालूशाही कटे पिस्ते व चाँदी के वरक से सज़ा कर पेश करें।

नोट;- चासनी से बालूसाही को 4-5 मिनिट मे निकाल ले ज़्यादा देर तक छोड़ने पर ये ज़रूरत से ज़्यादा नरम हो कर टूट सकती है.

Saturday, 13 October 2012

रबड़ी


रबड़ी




रबड़ी   उत्तर भारत में अधिक पसंद की जाती हैं. रबड़ी का स्वाद लाजबाव होता है. खाना खाने के बाद रबड़ी खाने का मज़ा  कुछ और ही है. इसे  मालपुआ, जलेबी और इमरती के साथ भी खाते हैं.
आइये आज हम रबड़ी बनाए.

आवश्यक सामग्री - 

दूध - 1 लीटर फुलक्रीम
चीनी -50 ग्राम
छोटी इलाइची - 2-3 (छील कर कूट लीजिये)

विधि - 

 रबड़ी बनाने के लिए कढ़ाही भारे तले की होनी चाहिये. दूध को कढ़ाही में डालकर गरम करने रखिये, दूध में उबाल आने पर गैस धीमी कर दीजिये.

दूध पर मलाई की हल्की परत  जैसे ही आये कलछी से उठाकर, कढ़ाही के किनारे लगा दीजिये. थोड़ी देर बाद फिर से दूध के ऊपरी सतह पर मलाई आ जाएगी इसे भी उठाइये और किनारे पर लगा दीजिये.  दूध को धीमी गैस पर  उबलने दीजिये और  मलाई की परत को कढ़ाही के किनारे लगाते रहिये.  कढ़ाही के किनारे जमी मलाई की परत सूख कर खुश्क होती रहेगी,  बार बार यही करना है, जब मलाई कढ़ाही के चारों ओर इकठ्ठी हो जाय और कढाई में दूध गाड़ा होकर एक तिहाई ही बचे तो बचे दूध में  चीनी और इलाइची पाउडर मिलाइये और  लगभग2 मिनिट बाद गैस बन्द कर दीजिये   कलछी से कढ़ाही के किनारों से मलाई खुरचकर निकालिये और उस गाड़े दूध में ही मिला दीजिये. खुरची हुई मलाई की परत (खुरचन) को दूध में मिलाते समय अधिक मत चलाईये ताकि रबड़ी में खुरचन की गांठे पड़ी रहें. लीजिये रबड़ी तैयार हो गई है. रबड़ी को किसी बरतन में निकालिये और फ्रिज में रख कर ठंडा कीजिये, खाना खाने के बाद ठंडी ठंडी रबड़ी खाइये.

रबड़ी को फ्रिज में रखकर 2 दिन तक खा सकते हैं.

 नोट:- (1) रबड़ी बनाते समय ध्यान रहे कि चमचे से मलाई निकालने के बाद  दूध को भी तले तक  चला दीजिये, दूध कढ़ाई के तले में नहीं लगना चाहिये, गैस को तेज न रखे, नहीं तो जो मलाई किनारे पर लगा कर रखी है वह जल जायेगी.
(2) यदि आप चाहे तो रबड़ी के उपर कतरा हुआ पिसता डाल कर भी सर्व कर सकते.
(3) अगर रबरी जलेबी या मालपुए के साथ खाने के लिए बनाए तो चीनी की मात्रा थोड़ी कम कर दीजिए .
 

Saturday, 15 September 2012

बेसन की बर्फी


बेसन की बर्फी

त्यौहार का समए हो या कोई दूसरा विशेष अवसर, मिठाई तो जरूरी है ही. तो जब कभी मिठाई बनाना हो तो बस घर में मौजूद बेसन घी, सूखे मेवे और चीनी से बेसन की बर्फी बना सकते है.

आवश्यक सामग्री -
बेसन - 2 कप ( 250 ग्राम)
चीनी - 1 कप ऊपर तक भरा हुआ ( 250 ग्राम)
देशी घी - 1 कप ( 200 ग्राम)
काजू - 2 टेबल स्पून
पिस्ते - 1 टेबल स्पून
दूध - 2 टेबल स्पून
छोटी इलाइची - 4

बनाने की विधि: -
बेसन को किसी थाली में निकाल कर, दूध और 2 चम्मच (टेबल स्पून) घी डाल कर मिलाइये, दोनों हाथों की हथेलियों से मसल कर बेसन, घी और दूध को अच्छी तरह से मिक्स करके, इस मिश्रण को स्टील के तार वाली छलनी से छान कर बेसन का दाना तैयार कीजिये.  इस बेसन में दाना बनने जाने के बाद बेसन की बर्फी का स्वाद कई गुना बढ जाता है.
काजू के 6-8 टुकड़े करे. पिस्ते को पतले पतले लम्बाई में काट लीजिये. इलाइची को छीलकर बारीक कूट कर इसका पाउडर बना लीजिये.
अब कढ़ाई में घी डालकर गरम कीजिये. घी में बेसन का दाना डालिये और धीमी आग पर, बेसन को लगातार चलाते हुये अच्छी महक आने तक या हल्का ब्राउन होने तक या बेसन से घी अलग होने तक भून लीजिये. इस भुने बेसन को किसी प्लेट में निकाल कर रख लीजिये.
कढ़ाई में चीनी और आधा कप पानी डालिये, चीनी घुलने तक चाशनी को पकाइये, चीनी घुलने के बाद चाशनी को 2 मिनिट और पकाइये और चैक कीजिये, थोड़ी सी चाशनी कलछी से प्लेट में टपकाइये और चाशनी के ठंडा होने पर, उंगली और अंगूठे से चिपका कर देखिये.  चाशनी को दो तार की होने तक पकाईये.

चासनी बनने के बाद बेसन डालिये और 1-2 मिनिट चमचे से चलाते हुये, मिक्स करते हुये पकाइये. काजू और इलाइची पाउडर डालकर मिक्स कर दीजिये, बर्फी को जमने वाली कनिसिस्टैन्सी पर पहुंच गई होती है. चैक कर लीजिये.
किसी प्लेट या ट्रे में थोड़ा घी लगाकर चिकना कीजिये, बर्फी का मिश्रण प्लेट में डालिये और कलछी से एक जैसा फैला दीजिये, बर्फी के ऊपर कतरे हुये पिस्ते डालकर, चम्मच से दबा दीजिये.  बर्फी को जमने रख दीजिये, 1-2 घंटे में बर्फी जम कर तैयार हो जाती है.
जमी हुई बेसन बर्फी (बेसन बरफी) को अपने मनपसन्द टुकड़ों में काट कर तैयार कर लीजिये.
बहुत ही स्वादिष्ट बेसन की बर्फी  बन कर तैयार है, बेसन की बर्फी को एअर टाइट कन्टेनर में भर कर रख लीजिये और 15 दिन तक खाते रहिये.

हमारे सुझाव:

बेसन भूनते समय लगातार चलाते हुये, मीडियम आग पर भूनना है, बेसन जलना नहीं चाहिये.
चाशनी को चैक करते हुये पकायें. बेसन की बर्फी अगर 6 घंटे में भी जमकर तैयार न हो तो बर्फी को फिर से कढ़ाई में डालें और गरम होने पर या घी पिघलने पर 2-3 मिनिट भूनें और फिर से जमा दें.
बेसन की बर्फी अगर बहुत सख्त हो गई हो तब कढ़ाई में 2 टेबल स्पून दूध डालें, गरम करें और सख्त बर्फी को गरम दूध में डाल दें, धीमी गैस पर बर्फी को कलछी से तोड़ते हुये नरम होने तक पकायें और जैसे ही मिश्रण एकसार लगने लगे बर्फी को फिर प्लेट में घी लगाकर जमादें, बर्फी सोफ्ट होकर जम जायेगी.

इस रेसीपी को बनाए और अपने प्रश्न, अनुभव एवम् सुझाव हमसे बताए.  

गाजर का हलुआ


गाजर का हलुआ

सर्दियों के मौसम मे जब कुछ मीठा खाने का मन हो तो क्यों न गाजर का हलवा बना लिया जाय. तो आइये गाजर का हलवा बनाना शुरू करते हैं.

आवश्यक सामग्री - 

गाजर -1 कि. ग्राम (8-10 गाजर मध्यम आकार की)
चीनी-250 ग्राम (1 1/4 कप )
मावा (खोया) -250 ग्राम (1 कप )
दूध - 1/2 - 1 कप
देशी घी - एक टेबल स्पून
किशमिश - एक टेबल स्पून (डठल तोड़ लीजिये)
काजू -  12-15 ग्राम (4-5 टुकड़े करते हुये काट लीजिये)
नारियल- एक टेबल स्पून ( कद्दूकस किया हुआ) (यदि आप चाहें)
छोटी इलाइची- 5-6 (छील कर पीस लीजिये)

विधि:- 

गाजर का हलवा बनाने के लिये, आप एक किलो लाल गाजर लीजिये. गाजर को छील कर  धो लीजिये और इन्हैं कद्दू कस कर लीजिये. मावा को एक कढाई में डाल कर धीमी आग पर भून लीजिये. भुना हुआ मावा एक प्याले में डाल कर रख लीजिये.

कद्दूकस किये हुये गाजर, कढाई में डाल कर गैस पर रखिये, दूध डालकर मिला दीजिये, गाजर को नरम होने तक पकने दीजिये. अब गाजर में चीनी मिला दीजिये, थोडी थोडी देर में चलाते रहैं, गाजर का रस निकलने लगेगा, आप उसे हर 2 मिनिट के बाद चलाते रहैं, सारा गाजर का रस जलने तक गाजर को पका लीजिये.पकी गाजरों में घी डाल कर भून लीजिये, किशमिश, काजू और मावा मिला दीजिये. हलवे को चलाते हुये ३-४ मिनिट तक पकायें, गैस बन्द कर दें और पीसी हुई इलाइची मिला दीजिये. आपका गाजर का हलवा तैयार है.
गाजर के हलवे  पर कद्दूकस किये हुये नारियल को डालकर सजा दीजिये.  गरमा गरम या ठंडा गाजर का हलवा (कॅरोट पुड्डिंग) परोसिये और खाइये. बचा हुआ गाजर का हलवा ठंडा होने के बाद कन्टेनर में भर कर, फ्रिज में रख लीजिये और 7 दिन तक रोजाना खाइये.

सुझाव: गाजर का हलवा में सूखे मेवा आप अपने पसन्द के अनुसार कम ज्यादा कर सकते हैं.

इस रेसीपी को बनाए और अपने प्रश्न, अनुभव एवम् सुझाव हमसे बताए.