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Friday, 9 November 2012

गुलाब जामुन - Gulab Jamun


गुलाब जामुन

गुलाब जामुन एक ऐसी मिठाई है जो घर मे हर बड़े और बच्चे को पसंद आती है. चाहे त्योहार हो या कोई और मौका गुलाब जामुन से इसकी रंगत बढ जाती है. तो आइए हम गुलाब जामुन बनाते है.
आवश्यक सामग्री -
खोया (मावा) - 250 ग्राम
पनीर - 100 ग्राम
मैदा - 20 - 30 ग्राम
चीनी - 600 ग्राम
घी - तलने के लिये
विधि -
एक चौड़े और बड़े बर्तन में मावा, पनीर और मैदा को ले और हाथ से तब तक मलें जब तक यह नरम, चिकना गूथे हुये आटे जैसा न हो जाए. अब गुलाब जामुन बनाने के लिये मिश्रण तैयार है.
गुलाब जामुन तलने से पहले चाशनी बना कर तैयार कर लीजिये. एक बर्तन में चीनी ले और उसमे चीनी की मात्रा का आधा पानी मिलाकर इसे गॅस पर चाशनी बनने के लिये रखिये. जब चाशनी में उबाल आ जाय और चीनी पानी में पूरी तरह घुल जाय उसके बाद 2 मिनिट तक और पकायें. चाशनी की 1-2 बूंद प्लेट में टपकायें. अंगूठे और अंगुली के बीच चिपका कर देखे, चाशनी उंगली और अंगूठे के बीच चिपकनी चाहिये, आधा तार की चाशनी (यानी तार बहुत ही कम दूरी तक बने) तो चाशनी तैयार हो गयी है.
मिश्रण से थोड़ा सा मिश्रण, करीब एक छोटी चम्मच, निकालिये, उसे दोनों हथेलियों के बीच रख कर गोल करिये, मावा का गोला अच्छी तरह बन जाने के बाद प्लेट में रख लीजिये. गोले एकदम चिकने होने चाहिए बिना दरार के. इसी प्रकार सारे गोले तैयार कर लीजिये.
अब कढ़ाई में घी गरम कीजिये. गुलाब जामुन तलने से पहले इनको टैस्ट करें, इसके लिए एक गुलाब जामुन को घी में डाल कर तलें और यदि यह फट रहा है, तो मिश्रण में थोड़ा मैदा और मिलायें. 3-4 गोले, कढ़ाई में डालें और तलें (तलने के लिए गैस धीमी रखें. गुलाब जामुन को तलते समय उस पर कलछी न लगायें बल्कि गरम गरम घी उसपर कलछी से डालें और इनको हल्के से हिला हिला कर तलें, इनको चारों तरफ से ब्राउन होने तक तल लीजिये. अब गुलाब जामुन निकाल कर प्लेट में रखिये. 1 मिनिट बाद थोड़ा ठंडा होने पर इन्हे चाशनी में डुबा दीजिये. इसी तरह सारे गुलाब जामुन तल कर चाशनी में डुबो लीजिए. 1-2 घंटे में गुलाब जामुन चाशनी सोखकर तैयार हो जायेंगें.
आपके गुलाब जामुन तैयार हो जाए है. इन्हें गरम या ठंडे जैसे चाहे परोसिये.
नोट:
1. यदि गुलाब जामुन ज्यादा सख्त बन रहे हों तो मावा में थोड़ा सा  ( एक से डेड टेबल स्पून ) दूध मिलाकर अच्छी तरह मल लें.
2. गुलाब जामुन अधिक गरम चाशनी में मत डालिये.
इस रेसिपी से सबंधित प्रश्ना, सुझाव एवं अनुभव हमे लिखे.

Friday, 19 October 2012

नारियल के लड्डू


नारियल के लड्डू


ये तुरत फुरत बनने बाले लड्डू हैं, और स्वाद में भी बेजोड़ है. आप दिवाली जैसे त्योंहार पर भी नारियल के लड्डू बना सकते हैं.
नारियल के लड्डू कच्चे नारियल या सूखे नारियल दोनों से बनाये जा सकते है.

आवश्यक सामग्री - 

नारियल (कद्दूकस किया) - 250 ग्राम
खोया (मावा) - 250 ग्राम
बूरा  - 300 ग्राम
मेवा कटे हुए - आधा कप काजू, बादाम, चिरोंजी, किसमिस
छोटी इलाइची पाउडर - एक छोटी चम्मच

विधि - 

सबसे पहले खोया को कढ़ाई में डालकर हल्का ब्राउन होने तक भून लीजिये. भुना खोया जब हल्का गरम रह जाय तब उसमे बूरा,  नारियल (थोड़ा सा नारियल का चूरा बचा ले ये लड्डू के ऊपर लपेटने के काम आएगा), इलाइची डाल कर मिश्रण तैयार कर लीजिए और इसके लड्डू बना लीजिए, इनको नारियल के चूरा में लपेट कर, थाली में या एक डिब्बे मे रख लीजिये.

अब आपके नारियल के लड्डू तैयार हैं. नारियल के लड्डू लड्डू आप फ्रिज में रखकर 7 दिन तक खा सकते हैं.

नोट: यदि कच्चा नारियल लें तो इसे कद्दूकस करने के बाद एक चमचा घी में अच्छी तरह भून लीजिये.

इस रेसिपी से सबंधित प्रश्ना, सुझाव एवं अनुभव हमे लिखे.

ब्रेड की बालूशाही


ब्रेड की बालूशाही:-


                 बालूशाही तो सभी को पसंद होती है पर इस को बनाना इतना आसान नही होता इसलिए आज हम बनाएगे ब्रेड की बालूशाही. दीवाली पर बनाने के लिए यह रेसिपी बहुत ही आसान ओर टेस्टी है.


सामग्री : 
10 से 12 स्लाइस ब्रेड -  सैंडविच वाली वाइट ब्रेड
250 ग्राम -  चीनी
200 ग्राम -  मावा या खोया
1/4 कटोरी -  कटे बादाम व पिस्ते
थोड़ी सी - केसर
1 चम्मच- चिरोंजी
 इलायची पाउडर- 1/२ छोटी चम्मच
 तलने के लिए - घी

विधि : 
एक कड़ाही में मावे को गुलाबी होने तक हल्का भून ले . अब इसमे  ड्रायफ्रूट्‍स और ‍इलायची पाउडर मिला ले. अब ब्रेड के ब्राउन किनारे चाकू की सहायता से काट कर निकाल दे.  दूध को एक गहरी प्लेट में निकले ओर इसमे ब्रेड को हल्का-सा भिगोकर   उसे हाथ पर रखे ओर उसमें थोड़ा-थोड़ा खोए का मिश्रण भरें। हाथ से दबाकर ब्रेड को इस प्रकार बंद करे जैसे हम ब्रेड रोल को करते है. अब इसे हाथ से हल्का सा दबाकर बालूशाही का आकार (थोड़ा चपटा कर दे) दें।

इसी तरह से सभी बालूशाही तैयार कर ले. अब एक-दो बूंद दूध में केसर को भिगोकर हर बालूशाही के बीच में अंगूठे से हल्के-से दबाते हुए टीका लगा दें। अब चीनी की दो तार की चाशनी बना लें। कड़ाही मे घी गरम करे ओर सभी बालूशाही को सुनहरी होने तक तल लें। अब तैयार बालूशाही को चाशनी में डाल दें। थोड़ी देर बाद चाशनी से निकाल कर लाजवाब ब्रेड की बालूशाही कटे पिस्ते व चाँदी के वरक से सज़ा कर पेश करें।

नोट;- चासनी से बालूसाही को 4-5 मिनिट मे निकाल ले ज़्यादा देर तक छोड़ने पर ये ज़रूरत से ज़्यादा नरम हो कर टूट सकती है.

Saturday, 13 October 2012

रबड़ी


रबड़ी




रबड़ी   उत्तर भारत में अधिक पसंद की जाती हैं. रबड़ी का स्वाद लाजबाव होता है. खाना खाने के बाद रबड़ी खाने का मज़ा  कुछ और ही है. इसे  मालपुआ, जलेबी और इमरती के साथ भी खाते हैं.
आइये आज हम रबड़ी बनाए.

आवश्यक सामग्री - 

दूध - 1 लीटर फुलक्रीम
चीनी -50 ग्राम
छोटी इलाइची - 2-3 (छील कर कूट लीजिये)

विधि - 

 रबड़ी बनाने के लिए कढ़ाही भारे तले की होनी चाहिये. दूध को कढ़ाही में डालकर गरम करने रखिये, दूध में उबाल आने पर गैस धीमी कर दीजिये.

दूध पर मलाई की हल्की परत  जैसे ही आये कलछी से उठाकर, कढ़ाही के किनारे लगा दीजिये. थोड़ी देर बाद फिर से दूध के ऊपरी सतह पर मलाई आ जाएगी इसे भी उठाइये और किनारे पर लगा दीजिये.  दूध को धीमी गैस पर  उबलने दीजिये और  मलाई की परत को कढ़ाही के किनारे लगाते रहिये.  कढ़ाही के किनारे जमी मलाई की परत सूख कर खुश्क होती रहेगी,  बार बार यही करना है, जब मलाई कढ़ाही के चारों ओर इकठ्ठी हो जाय और कढाई में दूध गाड़ा होकर एक तिहाई ही बचे तो बचे दूध में  चीनी और इलाइची पाउडर मिलाइये और  लगभग2 मिनिट बाद गैस बन्द कर दीजिये   कलछी से कढ़ाही के किनारों से मलाई खुरचकर निकालिये और उस गाड़े दूध में ही मिला दीजिये. खुरची हुई मलाई की परत (खुरचन) को दूध में मिलाते समय अधिक मत चलाईये ताकि रबड़ी में खुरचन की गांठे पड़ी रहें. लीजिये रबड़ी तैयार हो गई है. रबड़ी को किसी बरतन में निकालिये और फ्रिज में रख कर ठंडा कीजिये, खाना खाने के बाद ठंडी ठंडी रबड़ी खाइये.

रबड़ी को फ्रिज में रखकर 2 दिन तक खा सकते हैं.

 नोट:- (1) रबड़ी बनाते समय ध्यान रहे कि चमचे से मलाई निकालने के बाद  दूध को भी तले तक  चला दीजिये, दूध कढ़ाई के तले में नहीं लगना चाहिये, गैस को तेज न रखे, नहीं तो जो मलाई किनारे पर लगा कर रखी है वह जल जायेगी.
(2) यदि आप चाहे तो रबड़ी के उपर कतरा हुआ पिसता डाल कर भी सर्व कर सकते.
(3) अगर रबरी जलेबी या मालपुए के साथ खाने के लिए बनाए तो चीनी की मात्रा थोड़ी कम कर दीजिए .
 

Thursday, 4 October 2012

घर पर घी बनाए


घर पर घी बनाए :-

 

 

 

                 हम सभी घी का उपयोग रोज़ाना करते है पर आज कल बाज़ार मे शुद्ध देसी घी मिलना बहुत मुश्किल है. आपने अक्सर मिलावटी या नकली घी के बारे मे सुना होगा. इसलिए आज हम आपको घर पर ही घी बनाने की विधि सिखाएगे. घी बनाना बहुत ही आसान है ओर इसमे ज़्यादा समय भी नही लगता साथ ही साथ आपकी ये समस्या भी ख़तम हो जाएगी की मलाई का क्या किया जाए क्योकि बच्चे इसे दूध मे पीना पसंद नही करते ओर बड़े वजन बढ़ जाने के डर से नही खाते.

विधि: 
घी बनाने के लिए हमे दूध (फुल क्रीम दूध) गरम करने के बाद उसको जाली ढककर रखना चाहिए ताकि उसके उपर मलाई आ जाए और ठंडा हो जाए जब दूध ठंडा हो जाए इसे फ्रिज मे रख दे .5 -6 घंटे बाद आप देखेंगे की मलाई काफ़ी मोटी हो गई है, अब इस मलाई को उतार कर किसी बड़े कटोरे मे इकट्ठा करे इस प्रकार 8-10 दिन (मलाई के मात्रा के अनुसार) मलाई को इकट्ठा कर ले. मलाई को हमेशा फ्रिज मे ही रखे अन्यथा वह खराब हो जाएगी. जिस दिन आप घी बनाना चाहे रात को मलाई को गॅस पर गरम करे (जैसे हम दही जमाने के लिए करते है) ओर उसमे दो चम्मच दही डाल कर मिला दे ओर ढक कर रख दे . सुबह तक ये दही की तरह जम कर तैयार हो जाएगी .

अब इस मलाई को एक बड़े भिगोने मे डाले (पहले चित्र की तरह) और इसमे दो से ढाई ग्लास सादा पानी डालकर  हॅंड बलेंडर (या रई या मथानी ) से बिलोये (दूसरे चित्र की तरह) और इसको तब तक बिलोए जब तक की इससे मक्खन अलग ना हो जाए. यह आपको उपर नज़र आने लगेगा  (तीसरे चित्र के अनुसार) अब इसको 10 से 15 मिनिट के लिए छोड़ दे और 15 मिनिट बाद फिर से बलेंडर से 5-7 मिनिट चलाए. जब मक्खन पूरी तरह से अलग हो जाए तब ब्लॅंडर को बाहर निकाल ले ओर भगोने मे बर्फ डाले, पूरी ट्रे बर्फ डाल दीजिए. बर्फ डालने से मक्खन थोड़ा टाइट हो जाता है ओर इसे उठाना आसान हो जाता है. जब बहुत ज़्यादा गर्मी (मई,जून) होती है तो  बिलोने पर मक्खन मोटा-मोटा नज़र नही आता बल्कि घी जैसा पतला तैरता हुआ नज़र आता है, तब आप इसे लगभग 10 मिनिट बिलोने केबाद इसमे बर्फ या ठंडा पानी डाल दे (बर्फ हो तो ज़यादा अच्छा) ओर 5-7 मिनिट ओर बिलोए मक्खन टाइट हो कर उपर तेरने लगेगा. अब इसे हाथ से उठा कर कड़ाही मे निकाल कर रख ले. ऐसे ही जब बहुत ज़्यादा सर्दी (दिसंबर,जनवरी) होती है तो  बिलोने पर मक्खन अलग नही होता और हमे पतला मट्ठा ही नज़र आता है तो इसे लगभग 10 मिनिट बिलोने केबाद इसमे एक से डेड गिलास गर्म पानी डाल दे (पानी न तो कम गरम होना चाहिए और न ही खोलता हुआ बल्कि पानी इतना गरम डालिए की आपकी मलाई हल्की गरम हो जाए इससे घी और मट्ठा अलग अलग हो जाएगा) और 5-7 मिनिट (या मक्खन आने तक) ओर बिलोए मक्खन अलग होकर उपर तेरने लगेगा. अब इसे हाथ से उठा कर कड़ाही मे निकाल कर रख ले.

अब इस कड़ाई को गॅस पर रख दे और मीडियम आग पर पकने दे, शुरू मे गॅस को बिल्कुल धीमा ही रखे ताकि मक्खन उफन कर बाहर ना आए. जब वो खोंलने लगे तो आग मीडियम पर करके पकने दे (पाँचवे चित्र मे ध्यान से देखिए). लगभग 15 से 20 मिनिट मे आपको क्लियर घी अलग हल्के पीले रंग का दिखने लगेगा (6th चित्र मे ध्यान से देखिए). अब गॅस बंद कर दीजिए ध्यान दे की घी का पीला रंग आने बाद ज़्यादा नही पकना है वरना घी जलने लगेगा इसेसे घी मात्रा भी कम होगी और इसका रंग भी हल्का ब्राउन हो जाएगा और इसके स्वाद मे भी फ़र्क आ जाएगा.

अब स्टील का एक डिब्बा या बर्तन लीजिए इसके मुह पर पतला साफ कॉटन का कपड़ा बंधीए (जैसे हम आचार की बर्नी पर बाँधते है) और घी को चमचे की सहायता से छान लीजिए. या फिर आप बारीक छेद वाली स्टील की छन्नी से भी छान सकते है ये आसान भी है.

लीजये आपका शुद्ध देसी घी तैयार है. अच्छी तरह से पका हुआ घी कई महीनो तक इस्तेमाल किया जा सकता है.


नोट: मक्खन निकालने के बाद भिगोने मे जो मट्ठा (छाछ) बचा है उसे कढ़ी बनाने मे या भूना जीरा पाउडर व काला नमक मिलकर पीने के लिए इस्तेमाल कर सकते है. इस्तेमाल से पहले इसे छान ले.  

इस रेसिपी से सबंधित प्रश्ना, सुझाव एवं अनुभव हमे लिखे.


Monday, 1 October 2012

समा के चावल की खीर (व्रत के चावल)


समा के चावल की खीर (व्रत के चावल)



नवरात्रि के दौरान समा यानी व्रत के चावल  से कई तरह की रेसीपी बनाई  जाती है, प्रस्तुत है समा चावल की खीर  जो खाने में स्वादिष्ट और बनाने में आसान है.
आवश्यक सामग्री -
फुल क्रीम दूध - 1 लीटर लगभग पांच कप
चावल - 80 ग्राम लगभग तीन चोथाई कप
चीनी - 100 ग्राम लगभग आधा कप
काजू - 10 -15
किशमिश - 20 - 22
चीरोंजी - एक छोटी चम्मच
छोटी इलाइची पाउडर - एक छोटी चम्मच

विधि -
समा के चावल को साफ करके धो कर  आधा घंटे के लिये पानी में भिगो दीजिये.

काजू को छोटे टुकड़ों में काट ले व किशमिश धो ले.
किसी भारी तले के बर्तन में दूध को गरम करने रख दे दूध में उबाल आने के बाद समा के चावल दूध में डाले ओर चमचे से अच्छी तरह चला दे ओर गॅस धीमी कर दीजिये. खीर को हर दो मिनिट मे चलाते रहिये ताकि खीर जल ना जाए.

   समा के चावल पक जाने  पर, खीर में काजू , किशमिश व चीरोंजी डाल दीजिये. चावल को दूध के साथ एकदम मिलने तक खीर को पकने दीजिये. खीर को चमचे से गिराने पर दूध और चावल एक साथ गिरने चाहिये. अब खीर में चीनी डालिए ओर  मिला दीजिये. गॅस बन्द कर दीजिये.
अब खीर बन चुकी है. खीर में इलाइची पाउडर डाल कर मिलाए. इसे गरम या ठंडी जैसे आप पसंद करते हो वैसे खाइये.

नोट: (१) खीर में मेवे अपनी पसन्द के अनुसार कोई भी और कितनी भी मात्रा मे डाल सकते हैं.
     (2) आप इस खीर मैं दूध मैं उबाल आने के बाद 7 - 8 चम्मच मिल्कमेड भी मिला सकते इससे आपकी खीर और भी ज़्यादा  टेस्टी हो जाएगी. मिल्कमेड डालने पर चीनी की मात्रा को थोड़ा कम कर दे क्योंकि ये काफ़ी मीठा होता है.

इस रेसिपी से सबंधित प्रश्ना, सुझाव एवं अनुभव हमे लिखे. 

लौकी (घिया या दूधि) की बर्फी


लौकी (घिया या दूधि) की बर्फी

लौकी की बर्फी को आप त्यौहार या व्रत में फलाहार के रूप में भी बना सकते हैं. ये बनाने में एकदम आसान, पौष्टिक लौकी की बर्फी दिवाली पर सभी को बहुत पसन्द आयेगी.

लौकी की बर्फी बनाने के लिये लौकी पकी हुई लें तो लौकी की बर्फी का स्वाद बहुत अच्छा रहेगा. बर्फी बनाने के लिये कच्ची या पतली लौकी सही नहीं रहती.

आवश्यक सामग्री -
लौकी - 1/2 किग्रा.
घी - 4 छोटी चम्मच
चीनी - 125 ग्राम
मावा - 125 ग्राम
काजू - 10-15 (काजू के छोटे टुकड़े कर लीजिये)
इलाइची पाउडर - एक टेबल स्पून
पिस्ते - एक छोटी चम्मच (बारीक कतरे हुये)

विधि -

लौकी को छील लीजिये, लम्बे टुकड़ो मे काटिये और बीज एवं बीज वाला गूदा हटा दीजिये और कद्दूकस कर लीजिये, कढ़ाई में 2 चम्मच घी डाल दीजिये घी पिघलने पर बिना पानी डाले लौकी डालिये, इसे ढककर धीमी आग पर पकने दीजिये, बीच बीच मे इसे चमचे से चलाइये और फिर से ढक दीजिये. लौकी के नरम होने तक इसे पकने दीजिये.

अब इसमे चीनी डालकर पकाइये, चीनी के साथ मिलकर लौकी से काफी मात्रा में पानी निकल आता है, थोड़ी थोड़ी देर में चमचे से चलाते रहिये ताकि लौकी तले में न लगे, इस तरह लौकी से पानी बिलकुल खतम होने तक लौकी को पका लीजिये.

पकी हुई लौकी में बचा हुआ घी डालिये और लौकी को अच्छी तरह भून लीजिये.  भुने लौकी चीनी में मावा को हाथ से मसल कर डाल दे और उसमे मेवे मिलाइये और चमचे से चलाते हुये तब तक पकाइये जब तक कि वह जमने वाली अवस्था में न आ जाय, इसके लिये उंगलियों से चाशनी को चिपका कर देखिये कि वह उंगलियों से चिपकते हुये जमने सा लगता है तो आग बन्द कर दीजिये और इलाइची पाउडर मिला दीजिये.

थाली को जरा सा घी लगाकर चिकना कीजिये और ये मिश्रण थाली में डालकर एकसार करके जमने रख दीजिये.  बर्फी के ऊपर कतरे हुये बारीक पिस्ते डाल कर चिपका दीजिये.  लगभग 1 से डेड घंटे में लौकी की बर्फी जमकर तैयार हो जाती है.  इसको आप अपने मन पसन्द आकार में काटिये और इसे एअर टाइट कन्टेनर मे भरकर फ्रिज मे रखिए. सर्दियों के मौसम मे इसको आप बाहर भी रख सकते है.

इस रेसिपी से सबंधित प्रश्ना, सुझाव एवं अनुभव हमे लिखे.

Saturday, 29 September 2012

चावल की खीर

चावल की खीर


खीर एक एसी डिश है जो हर घर मैं बनाई जाती है ख़ासकर के त्योहारों पर. ये बहुत ही स्वादिष्ट होती है, बच्चे और बड़े सभी खीर खाना बहुत पसन्द करते हैं. तो अब हम चावल की खीर बनाना शुरू करते हैं
.
आवश्यक सामग्री -

    चावल बासमती टुकड़ा - ( 1/2 कप)
    दूध (फुल क्रीम) - 1 लीटर
    काजू - २ टेबल स्पून ( कटे हुये )
    किशमिश - 1 टेबल स्पून
    मखाने - आधा कप (कटे हुये)
    चीरोंजी - एक टेबल स्पून 
    छोटी इलाइची पाउडर - एक छोटी चम्मच
    चीनी- आधा कप या स्वादानुसार
    बादाम पिस्ता - दो चमच बारीक कटा हुआ (सजाने के लिए)

विधि:

पहले चावलों को धो कर आधा घंटे के लिये पानी में भिगो दें.

दूध को भगोने में डाल कर उबालने रख दें. दूध में उबाल आने के बाद भीगे हुये चावल डाल दीजिये, दूध को चमचे से चलायें और खीर में उबाल आने के बाद गैस धीमी रखें, इससे खीर ज्यादा स्वादिष्ट बनती है, और खीर को आप हर 2 मिनिट में चलाते रहें बर्ना खीर जल सकती है. जब चावल पक जाँय तो काजू, किशमिश, चीरोंजी और मखाने डाल दीजिये. और थोड़ी देर पकने दीजिए.

अब आप देखेंगे चावल और मेवे सभी मुलायम हो गये हैं और खीर गाढ़ी हो गई है. खीर में चीनी डाल दीजिये और लगभग 5 मिनिट तक पकाइये. अब आपकी खीर तैयार हो गई है, गैस बन्द कर दीजिये और इलाइची पाउडर मिला दीजिये. इस खीर को बादाम पिस्ता से सजाकर परोसिए.

खीर को आप गरमा गरम भी खा सकते है या आप इसे फ्रिज में ठंडी कर सकते है, ठंडी खीर अधिक स्वादिष्ट लगती है.

नोट: आप इस खीर मैं दूध मैं उबाल आने के बाद 7 - 8 चम्मच मिल्कमेड भी मिला सकते इससे आपकी खीर और भी ज़्यादा टेस्टी हो जाएगी. मिल्कमेड डालने पर चीनी की मात्रा को थोड़ा कम कर दे क्योंकि ये काफ़ी मीठा होता है.
 
इस रेसिपी से सबंधित प्रश्ना, सुझाव एवं अनुभव हमे लिखे.

Friday, 28 September 2012

आलू की कचोरी


आलू की कचोरी

              अक्सर त्योहार पर हम  पूरी के साथ-साथ कचोरी भी बनाते है, ओर आलू की कचोरी बच्चो को भी बहुत पसंद होती है. इसे बनाना बहुत ही आसान है. तो चलिए आलू की कचोरी बनाना शुरू करते है.

आवश्यक सामग्री :-
                  आलू :5-6 मीडियम साइज़ के
                  हरी मिर्च :2 बारीक कटी हुई
                  हरा धनिया : 2 चम्मच बारीक कटा हुआ
                  लाल मिर्च पाउडर :1 छोटा चम्मच या स्वादानुसार
                  नमक :  स्वादानुसार
                  आमचूर पाउडर :1 छोटा चम्मच
                  गरम मसाला : 1/2 छोटी चम्मच
                  गेंहू का आटा :दो कप
                  तेल या घी : तलने के लिए
विधि :-
       आलू को धोकर कुकर मे उबलने के लिए रख दे ये दो से तीन सीटी मे उबाल जाएगे. जब तक आलू उबाल रहे है आप आटा लगा ले. इसके लिए एक बर्तन मे आटा लीजिए इसमे 1/2 छोटी चम्मच  नमक डाल कर पानी की सहायता से नरम आटा गूँध ले. कचोरी का आटा पूरी की तुलना मे काफ़ी नरम गुँधा जाता है. आटे को थोड़ी द देर के लिए रख दीजिए इससे वह ओर नरम हो जाएगा ओर कचोरी आसानी से बेली जा सकेगी. आलू को उबलने के बाद छील ले ओर उन्हे कद्दूकस की सहयता से कस(ग्रेट कर ले) लीजिए अब इसमे हरी मिर्च,हरा धनिया,लाल मिर्च पाउडर,नमक,आमचूर पाउडर, मिला लेऽब आटे की नीबू के आकर की छोटी-छोटी लोइया बना ले. अब एक लोई लीजिए ओर इसे हाथ स
ए फेला कर इसमे एक चम्मच तैयार मिक्सचर भारिए ओर  हल्के हाथ से बेल लीजिए. आअप कड़ाही मे तेल गरम होने रख दे ओर साथ-साथ सारी कचोरिया बेल कर रख ले. तेल गरम होने के बाद एक-एक करके कचोरिया ताल लीजिए इन्हे मीडियम गॅस पर गोल्डन ब्राउन होने तक तले ओर निकाल कर एक नॅपकिन पर रखते जाए . गरमा-गरम कचोरी को आप नाश्तेमे या टिफिन मे भी दे सकते है. ये चाय  या ठंडी खीर के साथ भी बहुत टेस्टी लगती है. इससे आपकी लगभग 18 - २० कचोरिया तैयार हो जाएँगी.

मात्रा: 5-6 लोगों के लिए.
समय: लगभग 45 मिनिट.

 इस रेसिपी से सबंधित प्रश्ना, सुझाव एवं अनुभव हमे लिखे.

Saturday, 15 September 2012

बेसन की बर्फी


बेसन की बर्फी

त्यौहार का समए हो या कोई दूसरा विशेष अवसर, मिठाई तो जरूरी है ही. तो जब कभी मिठाई बनाना हो तो बस घर में मौजूद बेसन घी, सूखे मेवे और चीनी से बेसन की बर्फी बना सकते है.

आवश्यक सामग्री -
बेसन - 2 कप ( 250 ग्राम)
चीनी - 1 कप ऊपर तक भरा हुआ ( 250 ग्राम)
देशी घी - 1 कप ( 200 ग्राम)
काजू - 2 टेबल स्पून
पिस्ते - 1 टेबल स्पून
दूध - 2 टेबल स्पून
छोटी इलाइची - 4

बनाने की विधि: -
बेसन को किसी थाली में निकाल कर, दूध और 2 चम्मच (टेबल स्पून) घी डाल कर मिलाइये, दोनों हाथों की हथेलियों से मसल कर बेसन, घी और दूध को अच्छी तरह से मिक्स करके, इस मिश्रण को स्टील के तार वाली छलनी से छान कर बेसन का दाना तैयार कीजिये.  इस बेसन में दाना बनने जाने के बाद बेसन की बर्फी का स्वाद कई गुना बढ जाता है.
काजू के 6-8 टुकड़े करे. पिस्ते को पतले पतले लम्बाई में काट लीजिये. इलाइची को छीलकर बारीक कूट कर इसका पाउडर बना लीजिये.
अब कढ़ाई में घी डालकर गरम कीजिये. घी में बेसन का दाना डालिये और धीमी आग पर, बेसन को लगातार चलाते हुये अच्छी महक आने तक या हल्का ब्राउन होने तक या बेसन से घी अलग होने तक भून लीजिये. इस भुने बेसन को किसी प्लेट में निकाल कर रख लीजिये.
कढ़ाई में चीनी और आधा कप पानी डालिये, चीनी घुलने तक चाशनी को पकाइये, चीनी घुलने के बाद चाशनी को 2 मिनिट और पकाइये और चैक कीजिये, थोड़ी सी चाशनी कलछी से प्लेट में टपकाइये और चाशनी के ठंडा होने पर, उंगली और अंगूठे से चिपका कर देखिये.  चाशनी को दो तार की होने तक पकाईये.

चासनी बनने के बाद बेसन डालिये और 1-2 मिनिट चमचे से चलाते हुये, मिक्स करते हुये पकाइये. काजू और इलाइची पाउडर डालकर मिक्स कर दीजिये, बर्फी को जमने वाली कनिसिस्टैन्सी पर पहुंच गई होती है. चैक कर लीजिये.
किसी प्लेट या ट्रे में थोड़ा घी लगाकर चिकना कीजिये, बर्फी का मिश्रण प्लेट में डालिये और कलछी से एक जैसा फैला दीजिये, बर्फी के ऊपर कतरे हुये पिस्ते डालकर, चम्मच से दबा दीजिये.  बर्फी को जमने रख दीजिये, 1-2 घंटे में बर्फी जम कर तैयार हो जाती है.
जमी हुई बेसन बर्फी (बेसन बरफी) को अपने मनपसन्द टुकड़ों में काट कर तैयार कर लीजिये.
बहुत ही स्वादिष्ट बेसन की बर्फी  बन कर तैयार है, बेसन की बर्फी को एअर टाइट कन्टेनर में भर कर रख लीजिये और 15 दिन तक खाते रहिये.

हमारे सुझाव:

बेसन भूनते समय लगातार चलाते हुये, मीडियम आग पर भूनना है, बेसन जलना नहीं चाहिये.
चाशनी को चैक करते हुये पकायें. बेसन की बर्फी अगर 6 घंटे में भी जमकर तैयार न हो तो बर्फी को फिर से कढ़ाई में डालें और गरम होने पर या घी पिघलने पर 2-3 मिनिट भूनें और फिर से जमा दें.
बेसन की बर्फी अगर बहुत सख्त हो गई हो तब कढ़ाई में 2 टेबल स्पून दूध डालें, गरम करें और सख्त बर्फी को गरम दूध में डाल दें, धीमी गैस पर बर्फी को कलछी से तोड़ते हुये नरम होने तक पकायें और जैसे ही मिश्रण एकसार लगने लगे बर्फी को फिर प्लेट में घी लगाकर जमादें, बर्फी सोफ्ट होकर जम जायेगी.

इस रेसीपी को बनाए और अपने प्रश्न, अनुभव एवम् सुझाव हमसे बताए.  

बेसन का हलवा


बेसन का हलवा

बेसन का हलवा बनाने की कई विधियाँ है लेकिन राजस्थानी पारम्परिक का बेसन हलवा अपने मे कुछ ख़ास ही हे.  ये हलवा झटपट और आसान तरीके से बनाया जा सकता हे और इसका स्वाद आप आसानी से नहीं भूल पायेंगे.

आवश्यक सामग्री - 
बेसन - 1 कप
दूध - 1 कप
चीनी - 1 कप
घी - 1/3 कप (लगभग 70 ग्राम)
छोटी इलाइची - 4
पिस्ते - 1 टेबल स्पून

विधि - 

बेसन को दूध में एकदम चिकना होने तक घोले और इस घोल को 5 मिनिट के लिये ढककर रख दीजिये.
तब तक इलाइची छील कर, उसको कूट कर पाउडर बना लीजिये. पिस्ते को बारीक पतले पतले काट लीजिये.

बर्तन में घी डाल कर इसको गरम कीजिये (बर्तन नोन स्टिक हो तो बहुत अच्छा है), एक छोटी चम्मच घी इसमे से बचा लीजिये जिसे हलवा बनने के बाद डालेंगे.  जब घी मेल्ट हो जाए तो उसमे घुला हुआ बेसन डालिये और हलवे को 2 मिनिट नीचे से हल्का ब्राउन होने तक सिकने दीजिये.

अब बेसन को पलट दीजिये (बेसन को साबुत चीले की तरह रखने न रखे).  बेसन को दूसरी ओर भी 1/2 - 1 मिनिट तक बिलकुल हल्का ब्राउन सेक लीजिये और कलछी से बेसन को मैस करते हुये भूने. बेसन को मैस करते हुये और लगातार चलाते हुये, धीमी और मीडियम गैस पर जब तक भूनिये तब तक कि वह ब्राउन न दिखने लगे और बेसन से अच्छी महक न आने लगे.  १४- १५ मिनिट में बेसन अच्छी तरह भुन कर तैयार हो जाता है.

बेसन भुनने के बाद, भुने बेसन में 1 कप पानी और चीनी डालकर मिलाइये और मिक्स कीजिये.  हलवा को कलछी से चलाते हुये तब तक पकाइये जब तक कि हलवा गाढ़ा न हो जाय और कढ़ाई का तला न छोड़ दे.
बेसन का हलवा तैयार है, बेसन के हलवे को प्याली में निकालिये, ऊपर से जो घी हमने बचाया था डाल दीजिये, धी को मेल्ट होने दीजिये, हलवे के ऊपर कतरे हुये पिस्ते डालकर सज़ा लीजिए.
और अब गरमा गरम बेसन का हलवा परोसिये और खाइये.

सुझाव:
वैसे तो इस बेसन के हलवे मे सिर्फ इलायची ही काफीं हैं. लेकिन आप इसमें अपनी पसन्द के अनुसार कोई भी ड्राई फ्रूट डाल सकते हैं.

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गाजर का हलुआ


गाजर का हलुआ

सर्दियों के मौसम मे जब कुछ मीठा खाने का मन हो तो क्यों न गाजर का हलवा बना लिया जाय. तो आइये गाजर का हलवा बनाना शुरू करते हैं.

आवश्यक सामग्री - 

गाजर -1 कि. ग्राम (8-10 गाजर मध्यम आकार की)
चीनी-250 ग्राम (1 1/4 कप )
मावा (खोया) -250 ग्राम (1 कप )
दूध - 1/2 - 1 कप
देशी घी - एक टेबल स्पून
किशमिश - एक टेबल स्पून (डठल तोड़ लीजिये)
काजू -  12-15 ग्राम (4-5 टुकड़े करते हुये काट लीजिये)
नारियल- एक टेबल स्पून ( कद्दूकस किया हुआ) (यदि आप चाहें)
छोटी इलाइची- 5-6 (छील कर पीस लीजिये)

विधि:- 

गाजर का हलवा बनाने के लिये, आप एक किलो लाल गाजर लीजिये. गाजर को छील कर  धो लीजिये और इन्हैं कद्दू कस कर लीजिये. मावा को एक कढाई में डाल कर धीमी आग पर भून लीजिये. भुना हुआ मावा एक प्याले में डाल कर रख लीजिये.

कद्दूकस किये हुये गाजर, कढाई में डाल कर गैस पर रखिये, दूध डालकर मिला दीजिये, गाजर को नरम होने तक पकने दीजिये. अब गाजर में चीनी मिला दीजिये, थोडी थोडी देर में चलाते रहैं, गाजर का रस निकलने लगेगा, आप उसे हर 2 मिनिट के बाद चलाते रहैं, सारा गाजर का रस जलने तक गाजर को पका लीजिये.पकी गाजरों में घी डाल कर भून लीजिये, किशमिश, काजू और मावा मिला दीजिये. हलवे को चलाते हुये ३-४ मिनिट तक पकायें, गैस बन्द कर दें और पीसी हुई इलाइची मिला दीजिये. आपका गाजर का हलवा तैयार है.
गाजर के हलवे  पर कद्दूकस किये हुये नारियल को डालकर सजा दीजिये.  गरमा गरम या ठंडा गाजर का हलवा (कॅरोट पुड्डिंग) परोसिये और खाइये. बचा हुआ गाजर का हलवा ठंडा होने के बाद कन्टेनर में भर कर, फ्रिज में रख लीजिये और 7 दिन तक रोजाना खाइये.

सुझाव: गाजर का हलवा में सूखे मेवा आप अपने पसन्द के अनुसार कम ज्यादा कर सकते हैं.

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