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Thursday, 8 November 2012

परवल की मिठाई


परवल की मिठाई

परवल की मिठाई बड़ी स्वादिष्ट व बनाने मे आसान होती है. , यह मिठाई आप त्योहार या किसी भी मोके पर बनाकर अपने परिवार व मेहमानो को खिला सकती हैं, तो आइये परवल की मिठाई बनाना शुरू करते हैं.
आवश्यक सामग्री -
परवल - 500 ग्राम (मध्यम आकर के)
चीनी - 300 ग्राम
खोया या मावा - 200 ग्राम
पाउडर चीनी - 50 ग्राम
बादाम - 25-30 कटे हुये
पिस्ते - 10-12 कटे हूए
छोटी इलाइची पाउडर - एक छोटी चम्मच
मीठा सोडा - दो चुटकी
केसर - 7 - 8 धागे
विधि -
हरे हरे ताजे परवल लीजिए, परवल को धोइये, छीलिए, छील कर पूरी लम्बाई मैं चीर लीजिए (जिस प्रकार हम आचार की मिर्च को चीरते है) ताकि वह एक ओर से जुड़े रहें. परवल के अन्दर से सावधानी पूर्वक बीज निकालिये, ध्यान रखिए की ये टूटने ना पाए.
अब किसी बर्तन में पानी गरम करने की लिए रखिये, पानी में उबाल आने पर सोडा और परवल डालिये, फिर से उबाल आने के बाद परवल को 3 -4 मिनिट तक उबलने दीजिये, गैस बन्द कर दीजिये. परवल को 5 मिनिट के लिये ढककर रख दीजिये. अब परवल को निकाल लें, इन्हैं चलनी में रखिये ताकि पानी निकल जाए.
अब चीनी और एक कप पानी किसी बर्तन में डालिये और चाशनी बनाने के लिए गॅस पर रखिये, एक तार की चाशनी बनाइये (ये चाशनी ज्यादा गाड़ी नहीं होती है और ठंडा करने पर जमती भी नहीं है). जब एक तार की चाशनी बन जाए तब परवल इसमे डालकर तब तक उबालिये जब तक उनका कलर न बदल जाय, उबालते समय परवल एक दो बार पलट दीजिये, गैस बन्द कर दीजिये, परवल को कम से कम एक घंटे के लिये ढककर चाशनी में ही रख दीजिये.
अब हम खोया का मिक्चर तैयार कर लेते हैं.
खोया को किसी भारी तले या नान इस्टिक कड़ाई में डालकर मीडियम गैस पर हल्का भून लीजिये, इसे ठंडा करे, बादाम मिक्सी मे दरदरे पीस लीजिये और कुछ बादाम एवं पिस्ते लम्बे लम्बे कतर लीजिये.
खोए मे इन पिसे हुये बादाम, इलाइची पाउडर और पिसी चीनी को मिला दीजिये. परवल के अन्दर भरने के लिये मिश्रण तैयार है.
चाशनी से परवल निकाल कर छलनी में रखिये, ताकि परवल से अतिरिक्त चाशनी निकल जाय.
अब एक एक परवल सावधानी से उठाइये और मिश्रण परवल मे भरिये, ऊपर से कतरे हुये बादाम और पिस्ते चिपकाइये. इसी प्रकार सारे परवल में मिश्रण भर ले , कटे हुये मेवे एवं केसर लगाकर प्लेट में रखिए.
आपकी परवल की स्वादिष्ट मिठाई तैयार है. इस मिठाई को आप फ्रिज में 5-6 सप्ताह तक रख सकते है.
इस रेसिपी से सबंधित प्रश्ना, सुझाव एवं अनुभव हमे लिखे.


Friday, 19 October 2012

ब्रेड की बालूशाही


ब्रेड की बालूशाही:-


                 बालूशाही तो सभी को पसंद होती है पर इस को बनाना इतना आसान नही होता इसलिए आज हम बनाएगे ब्रेड की बालूशाही. दीवाली पर बनाने के लिए यह रेसिपी बहुत ही आसान ओर टेस्टी है.


सामग्री : 
10 से 12 स्लाइस ब्रेड -  सैंडविच वाली वाइट ब्रेड
250 ग्राम -  चीनी
200 ग्राम -  मावा या खोया
1/4 कटोरी -  कटे बादाम व पिस्ते
थोड़ी सी - केसर
1 चम्मच- चिरोंजी
 इलायची पाउडर- 1/२ छोटी चम्मच
 तलने के लिए - घी

विधि : 
एक कड़ाही में मावे को गुलाबी होने तक हल्का भून ले . अब इसमे  ड्रायफ्रूट्‍स और ‍इलायची पाउडर मिला ले. अब ब्रेड के ब्राउन किनारे चाकू की सहायता से काट कर निकाल दे.  दूध को एक गहरी प्लेट में निकले ओर इसमे ब्रेड को हल्का-सा भिगोकर   उसे हाथ पर रखे ओर उसमें थोड़ा-थोड़ा खोए का मिश्रण भरें। हाथ से दबाकर ब्रेड को इस प्रकार बंद करे जैसे हम ब्रेड रोल को करते है. अब इसे हाथ से हल्का सा दबाकर बालूशाही का आकार (थोड़ा चपटा कर दे) दें।

इसी तरह से सभी बालूशाही तैयार कर ले. अब एक-दो बूंद दूध में केसर को भिगोकर हर बालूशाही के बीच में अंगूठे से हल्के-से दबाते हुए टीका लगा दें। अब चीनी की दो तार की चाशनी बना लें। कड़ाही मे घी गरम करे ओर सभी बालूशाही को सुनहरी होने तक तल लें। अब तैयार बालूशाही को चाशनी में डाल दें। थोड़ी देर बाद चाशनी से निकाल कर लाजवाब ब्रेड की बालूशाही कटे पिस्ते व चाँदी के वरक से सज़ा कर पेश करें।

नोट;- चासनी से बालूसाही को 4-5 मिनिट मे निकाल ले ज़्यादा देर तक छोड़ने पर ये ज़रूरत से ज़्यादा नरम हो कर टूट सकती है.

Thursday, 18 October 2012

पेड़े (मथुरा वाले)


पेड़े (मथुरा वाले)


जिसने खाए है वो यही कहता है कि मथुरा के पेड़े से अच्छा और स्वादिष्ट पेड़ा कहीं और नहीं मिलते, ये आम पेड़ों से अलग ब्राउन रंग के होते है. तो आईये आज हम आपको मथुरा जी के पेड़े बनाना सीखते हैं.

पारम्परिक मथुरा जी के पेड़े बनाने के लिये मावा और पीसी हुई चीनी का उपयोग होता है,  मावा और पीसी हुई चीनी आप बाजार से ला सकते हैं ध्यान दे कि मावा दानेदार लेकर आयें और पीसी हुई चीनी (बूरा) आप घर पर बना सकते है, ये भी दानेदार होना चाहिए.

मथुरा जी के पेड़े बनाते समय मावा को अधिक से अधिक भूना जाता है.  मावा भूनते समय बीच बीच में थोड़ा थोड़ा दूध या घी डालते रहते हैं जिससे इसे अधिक भूनना आसान हो जाता है. भूनते समय मावा जलता नहीं और मावा का कलर हल्का ब्राउन हो जाता है, मावा जितना अच्छा भुनता है स्वाद भी उतना ही अच्छा होता है. आइये बनाना शुरू करते हैं मथुरा के पेड़े.

आवश्यक सामग्री -

खोया या मावा - 250 ग्राम
पीसी हुई चीनी (बूरा) - 250 ग्राम
घी - 2 टेबल स्पून या 1/4 कप दूध
छोटी इलाइची पाउडर - एक बड़ा चम्मच

विधि -

कढ़ाई में मावा डाल कर भूनिये (कढ़ाई भारी तले की होनी चाहिए),भूनते समय लगातार कलछी से चलाते हुये भूनिये मावा कढ़ाई में लगना नहीं चाहिये, जब मावा भुनते भुनते रंग बदलने लग जाय तब उसमें थोड़ा थोड़ा सा घी या दूध मिलाते रहिये और चला चला कर तब तक भूनिये जब तक कि वह ब्राउन कलर का न हो जाय. मथुरा के पेंडो के लिए मावा ब्राउन कलर का होना चाहिए.

मावा को ठंडा होने दीजिये, जब ये ठंडा हो जाय तब उसमें 200 ग्राम बूरा डाल कर अच्छी तरह मिलाइये, इलाइची पाउडर भी इस मिश्रण में मिला दीजिये. साधारण पेड़ों की तुलना मे मथुरा के पेड़ों मे इलायची ज़्यादा होता है. पेड़े का मिश्रण तैयार है.

बचा हुआ 50 ग्राम बूरा एक प्लेट में निकालिए. मिश्रण से थोड़ा सा मिश्रण एक छोटे नीबू के बराबर निकालिये और हाथ में लेकर गोल  करके, हाथ से दबा कर, पेड़े का आकार दीजिये,  पेड़े को प्लेट में रखे हुये बूरे में लपेटिये और अपने दोंनो हाथों की हथेलियों से पेड़े को हल्का सा दबाकर प्लेट में रखते जाइए, आपके लाजबाव मथुरा के पेड़े तैयार हैं.

पेड़े को 2-3  घंटे के लिये खुले पंखे की हवा में छोड़ दीजिये, ये थोड़े खुश्क हो जायेंगे.  अब आप इनको एअर टाइट कन्टेनर में भर कर, फ्रिज में रख दीजिये. यदि मावा अच्छी तरह भूना गया है तो ये पेड़े आप 15 दिन भी रख कर खा सकते हैं. सर्दियों के दिनों मे आप इन्हे बाहर हो रख सकते है.

नोट: मथुरा के पेड़े पारंपरिक तरीके से गाय के दूध के खोए से बनाए जाते है, यह उपलब्ध ना होने पर भैस के दूध का खोया भी इस्तेमाल कर सकते है.