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Friday, 19 October 2012

ब्रेड की बालूशाही


ब्रेड की बालूशाही:-


                 बालूशाही तो सभी को पसंद होती है पर इस को बनाना इतना आसान नही होता इसलिए आज हम बनाएगे ब्रेड की बालूशाही. दीवाली पर बनाने के लिए यह रेसिपी बहुत ही आसान ओर टेस्टी है.


सामग्री : 
10 से 12 स्लाइस ब्रेड -  सैंडविच वाली वाइट ब्रेड
250 ग्राम -  चीनी
200 ग्राम -  मावा या खोया
1/4 कटोरी -  कटे बादाम व पिस्ते
थोड़ी सी - केसर
1 चम्मच- चिरोंजी
 इलायची पाउडर- 1/२ छोटी चम्मच
 तलने के लिए - घी

विधि : 
एक कड़ाही में मावे को गुलाबी होने तक हल्का भून ले . अब इसमे  ड्रायफ्रूट्‍स और ‍इलायची पाउडर मिला ले. अब ब्रेड के ब्राउन किनारे चाकू की सहायता से काट कर निकाल दे.  दूध को एक गहरी प्लेट में निकले ओर इसमे ब्रेड को हल्का-सा भिगोकर   उसे हाथ पर रखे ओर उसमें थोड़ा-थोड़ा खोए का मिश्रण भरें। हाथ से दबाकर ब्रेड को इस प्रकार बंद करे जैसे हम ब्रेड रोल को करते है. अब इसे हाथ से हल्का सा दबाकर बालूशाही का आकार (थोड़ा चपटा कर दे) दें।

इसी तरह से सभी बालूशाही तैयार कर ले. अब एक-दो बूंद दूध में केसर को भिगोकर हर बालूशाही के बीच में अंगूठे से हल्के-से दबाते हुए टीका लगा दें। अब चीनी की दो तार की चाशनी बना लें। कड़ाही मे घी गरम करे ओर सभी बालूशाही को सुनहरी होने तक तल लें। अब तैयार बालूशाही को चाशनी में डाल दें। थोड़ी देर बाद चाशनी से निकाल कर लाजवाब ब्रेड की बालूशाही कटे पिस्ते व चाँदी के वरक से सज़ा कर पेश करें।

नोट;- चासनी से बालूसाही को 4-5 मिनिट मे निकाल ले ज़्यादा देर तक छोड़ने पर ये ज़रूरत से ज़्यादा नरम हो कर टूट सकती है.

Saturday, 13 October 2012

रबड़ी


रबड़ी




रबड़ी   उत्तर भारत में अधिक पसंद की जाती हैं. रबड़ी का स्वाद लाजबाव होता है. खाना खाने के बाद रबड़ी खाने का मज़ा  कुछ और ही है. इसे  मालपुआ, जलेबी और इमरती के साथ भी खाते हैं.
आइये आज हम रबड़ी बनाए.

आवश्यक सामग्री - 

दूध - 1 लीटर फुलक्रीम
चीनी -50 ग्राम
छोटी इलाइची - 2-3 (छील कर कूट लीजिये)

विधि - 

 रबड़ी बनाने के लिए कढ़ाही भारे तले की होनी चाहिये. दूध को कढ़ाही में डालकर गरम करने रखिये, दूध में उबाल आने पर गैस धीमी कर दीजिये.

दूध पर मलाई की हल्की परत  जैसे ही आये कलछी से उठाकर, कढ़ाही के किनारे लगा दीजिये. थोड़ी देर बाद फिर से दूध के ऊपरी सतह पर मलाई आ जाएगी इसे भी उठाइये और किनारे पर लगा दीजिये.  दूध को धीमी गैस पर  उबलने दीजिये और  मलाई की परत को कढ़ाही के किनारे लगाते रहिये.  कढ़ाही के किनारे जमी मलाई की परत सूख कर खुश्क होती रहेगी,  बार बार यही करना है, जब मलाई कढ़ाही के चारों ओर इकठ्ठी हो जाय और कढाई में दूध गाड़ा होकर एक तिहाई ही बचे तो बचे दूध में  चीनी और इलाइची पाउडर मिलाइये और  लगभग2 मिनिट बाद गैस बन्द कर दीजिये   कलछी से कढ़ाही के किनारों से मलाई खुरचकर निकालिये और उस गाड़े दूध में ही मिला दीजिये. खुरची हुई मलाई की परत (खुरचन) को दूध में मिलाते समय अधिक मत चलाईये ताकि रबड़ी में खुरचन की गांठे पड़ी रहें. लीजिये रबड़ी तैयार हो गई है. रबड़ी को किसी बरतन में निकालिये और फ्रिज में रख कर ठंडा कीजिये, खाना खाने के बाद ठंडी ठंडी रबड़ी खाइये.

रबड़ी को फ्रिज में रखकर 2 दिन तक खा सकते हैं.

 नोट:- (1) रबड़ी बनाते समय ध्यान रहे कि चमचे से मलाई निकालने के बाद  दूध को भी तले तक  चला दीजिये, दूध कढ़ाई के तले में नहीं लगना चाहिये, गैस को तेज न रखे, नहीं तो जो मलाई किनारे पर लगा कर रखी है वह जल जायेगी.
(2) यदि आप चाहे तो रबड़ी के उपर कतरा हुआ पिसता डाल कर भी सर्व कर सकते.
(3) अगर रबरी जलेबी या मालपुए के साथ खाने के लिए बनाए तो चीनी की मात्रा थोड़ी कम कर दीजिए .
 

Saturday, 15 September 2012

बेसन की बर्फी


बेसन की बर्फी

त्यौहार का समए हो या कोई दूसरा विशेष अवसर, मिठाई तो जरूरी है ही. तो जब कभी मिठाई बनाना हो तो बस घर में मौजूद बेसन घी, सूखे मेवे और चीनी से बेसन की बर्फी बना सकते है.

आवश्यक सामग्री -
बेसन - 2 कप ( 250 ग्राम)
चीनी - 1 कप ऊपर तक भरा हुआ ( 250 ग्राम)
देशी घी - 1 कप ( 200 ग्राम)
काजू - 2 टेबल स्पून
पिस्ते - 1 टेबल स्पून
दूध - 2 टेबल स्पून
छोटी इलाइची - 4

बनाने की विधि: -
बेसन को किसी थाली में निकाल कर, दूध और 2 चम्मच (टेबल स्पून) घी डाल कर मिलाइये, दोनों हाथों की हथेलियों से मसल कर बेसन, घी और दूध को अच्छी तरह से मिक्स करके, इस मिश्रण को स्टील के तार वाली छलनी से छान कर बेसन का दाना तैयार कीजिये.  इस बेसन में दाना बनने जाने के बाद बेसन की बर्फी का स्वाद कई गुना बढ जाता है.
काजू के 6-8 टुकड़े करे. पिस्ते को पतले पतले लम्बाई में काट लीजिये. इलाइची को छीलकर बारीक कूट कर इसका पाउडर बना लीजिये.
अब कढ़ाई में घी डालकर गरम कीजिये. घी में बेसन का दाना डालिये और धीमी आग पर, बेसन को लगातार चलाते हुये अच्छी महक आने तक या हल्का ब्राउन होने तक या बेसन से घी अलग होने तक भून लीजिये. इस भुने बेसन को किसी प्लेट में निकाल कर रख लीजिये.
कढ़ाई में चीनी और आधा कप पानी डालिये, चीनी घुलने तक चाशनी को पकाइये, चीनी घुलने के बाद चाशनी को 2 मिनिट और पकाइये और चैक कीजिये, थोड़ी सी चाशनी कलछी से प्लेट में टपकाइये और चाशनी के ठंडा होने पर, उंगली और अंगूठे से चिपका कर देखिये.  चाशनी को दो तार की होने तक पकाईये.

चासनी बनने के बाद बेसन डालिये और 1-2 मिनिट चमचे से चलाते हुये, मिक्स करते हुये पकाइये. काजू और इलाइची पाउडर डालकर मिक्स कर दीजिये, बर्फी को जमने वाली कनिसिस्टैन्सी पर पहुंच गई होती है. चैक कर लीजिये.
किसी प्लेट या ट्रे में थोड़ा घी लगाकर चिकना कीजिये, बर्फी का मिश्रण प्लेट में डालिये और कलछी से एक जैसा फैला दीजिये, बर्फी के ऊपर कतरे हुये पिस्ते डालकर, चम्मच से दबा दीजिये.  बर्फी को जमने रख दीजिये, 1-2 घंटे में बर्फी जम कर तैयार हो जाती है.
जमी हुई बेसन बर्फी (बेसन बरफी) को अपने मनपसन्द टुकड़ों में काट कर तैयार कर लीजिये.
बहुत ही स्वादिष्ट बेसन की बर्फी  बन कर तैयार है, बेसन की बर्फी को एअर टाइट कन्टेनर में भर कर रख लीजिये और 15 दिन तक खाते रहिये.

हमारे सुझाव:

बेसन भूनते समय लगातार चलाते हुये, मीडियम आग पर भूनना है, बेसन जलना नहीं चाहिये.
चाशनी को चैक करते हुये पकायें. बेसन की बर्फी अगर 6 घंटे में भी जमकर तैयार न हो तो बर्फी को फिर से कढ़ाई में डालें और गरम होने पर या घी पिघलने पर 2-3 मिनिट भूनें और फिर से जमा दें.
बेसन की बर्फी अगर बहुत सख्त हो गई हो तब कढ़ाई में 2 टेबल स्पून दूध डालें, गरम करें और सख्त बर्फी को गरम दूध में डाल दें, धीमी गैस पर बर्फी को कलछी से तोड़ते हुये नरम होने तक पकायें और जैसे ही मिश्रण एकसार लगने लगे बर्फी को फिर प्लेट में घी लगाकर जमादें, बर्फी सोफ्ट होकर जम जायेगी.

इस रेसीपी को बनाए और अपने प्रश्न, अनुभव एवम् सुझाव हमसे बताए.  

बेसन का हलवा


बेसन का हलवा

बेसन का हलवा बनाने की कई विधियाँ है लेकिन राजस्थानी पारम्परिक का बेसन हलवा अपने मे कुछ ख़ास ही हे.  ये हलवा झटपट और आसान तरीके से बनाया जा सकता हे और इसका स्वाद आप आसानी से नहीं भूल पायेंगे.

आवश्यक सामग्री - 
बेसन - 1 कप
दूध - 1 कप
चीनी - 1 कप
घी - 1/3 कप (लगभग 70 ग्राम)
छोटी इलाइची - 4
पिस्ते - 1 टेबल स्पून

विधि - 

बेसन को दूध में एकदम चिकना होने तक घोले और इस घोल को 5 मिनिट के लिये ढककर रख दीजिये.
तब तक इलाइची छील कर, उसको कूट कर पाउडर बना लीजिये. पिस्ते को बारीक पतले पतले काट लीजिये.

बर्तन में घी डाल कर इसको गरम कीजिये (बर्तन नोन स्टिक हो तो बहुत अच्छा है), एक छोटी चम्मच घी इसमे से बचा लीजिये जिसे हलवा बनने के बाद डालेंगे.  जब घी मेल्ट हो जाए तो उसमे घुला हुआ बेसन डालिये और हलवे को 2 मिनिट नीचे से हल्का ब्राउन होने तक सिकने दीजिये.

अब बेसन को पलट दीजिये (बेसन को साबुत चीले की तरह रखने न रखे).  बेसन को दूसरी ओर भी 1/2 - 1 मिनिट तक बिलकुल हल्का ब्राउन सेक लीजिये और कलछी से बेसन को मैस करते हुये भूने. बेसन को मैस करते हुये और लगातार चलाते हुये, धीमी और मीडियम गैस पर जब तक भूनिये तब तक कि वह ब्राउन न दिखने लगे और बेसन से अच्छी महक न आने लगे.  १४- १५ मिनिट में बेसन अच्छी तरह भुन कर तैयार हो जाता है.

बेसन भुनने के बाद, भुने बेसन में 1 कप पानी और चीनी डालकर मिलाइये और मिक्स कीजिये.  हलवा को कलछी से चलाते हुये तब तक पकाइये जब तक कि हलवा गाढ़ा न हो जाय और कढ़ाई का तला न छोड़ दे.
बेसन का हलवा तैयार है, बेसन के हलवे को प्याली में निकालिये, ऊपर से जो घी हमने बचाया था डाल दीजिये, धी को मेल्ट होने दीजिये, हलवे के ऊपर कतरे हुये पिस्ते डालकर सज़ा लीजिए.
और अब गरमा गरम बेसन का हलवा परोसिये और खाइये.

सुझाव:
वैसे तो इस बेसन के हलवे मे सिर्फ इलायची ही काफीं हैं. लेकिन आप इसमें अपनी पसन्द के अनुसार कोई भी ड्राई फ्रूट डाल सकते हैं.

इस रेसीपी को बनाए और अपने प्रश्न, अनुभव एवम् सुझाव हमसे बताए.  

गाजर का हलुआ


गाजर का हलुआ

सर्दियों के मौसम मे जब कुछ मीठा खाने का मन हो तो क्यों न गाजर का हलवा बना लिया जाय. तो आइये गाजर का हलवा बनाना शुरू करते हैं.

आवश्यक सामग्री - 

गाजर -1 कि. ग्राम (8-10 गाजर मध्यम आकार की)
चीनी-250 ग्राम (1 1/4 कप )
मावा (खोया) -250 ग्राम (1 कप )
दूध - 1/2 - 1 कप
देशी घी - एक टेबल स्पून
किशमिश - एक टेबल स्पून (डठल तोड़ लीजिये)
काजू -  12-15 ग्राम (4-5 टुकड़े करते हुये काट लीजिये)
नारियल- एक टेबल स्पून ( कद्दूकस किया हुआ) (यदि आप चाहें)
छोटी इलाइची- 5-6 (छील कर पीस लीजिये)

विधि:- 

गाजर का हलवा बनाने के लिये, आप एक किलो लाल गाजर लीजिये. गाजर को छील कर  धो लीजिये और इन्हैं कद्दू कस कर लीजिये. मावा को एक कढाई में डाल कर धीमी आग पर भून लीजिये. भुना हुआ मावा एक प्याले में डाल कर रख लीजिये.

कद्दूकस किये हुये गाजर, कढाई में डाल कर गैस पर रखिये, दूध डालकर मिला दीजिये, गाजर को नरम होने तक पकने दीजिये. अब गाजर में चीनी मिला दीजिये, थोडी थोडी देर में चलाते रहैं, गाजर का रस निकलने लगेगा, आप उसे हर 2 मिनिट के बाद चलाते रहैं, सारा गाजर का रस जलने तक गाजर को पका लीजिये.पकी गाजरों में घी डाल कर भून लीजिये, किशमिश, काजू और मावा मिला दीजिये. हलवे को चलाते हुये ३-४ मिनिट तक पकायें, गैस बन्द कर दें और पीसी हुई इलाइची मिला दीजिये. आपका गाजर का हलवा तैयार है.
गाजर के हलवे  पर कद्दूकस किये हुये नारियल को डालकर सजा दीजिये.  गरमा गरम या ठंडा गाजर का हलवा (कॅरोट पुड्डिंग) परोसिये और खाइये. बचा हुआ गाजर का हलवा ठंडा होने के बाद कन्टेनर में भर कर, फ्रिज में रख लीजिये और 7 दिन तक रोजाना खाइये.

सुझाव: गाजर का हलवा में सूखे मेवा आप अपने पसन्द के अनुसार कम ज्यादा कर सकते हैं.

इस रेसीपी को बनाए और अपने प्रश्न, अनुभव एवम् सुझाव हमसे बताए.