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Tuesday, 16 October 2012

सिघाड़े की मीठी बरफी


सिघाड़े की मीठी बरफी


नवरात्रीव्रत के अवसर पर सिघाड़े की मीठी बरफी (कतली) बनाई जाती है. यह कतली बड़ी स्वादिष्ट होती है, इसे बनाना भी आसान है आइये सिघाड़े के आटे की मीठी बरफी बनायें.

आवश्यक सामग्री - 

सिघाड़े का  आटा - 100 ग्राम
घी - दो टेबल स्पून
चीनी - 100 ग्राम
इलाइची पाउडर - 1/2 छोटी चम्मच

विधि - 

सबसे पहले कढाई में घी को डाल कर गरम कीजिये. इसमे सिघाड़े का आटा डाल कर हल्का गुलाबी होने तक चलाते हुए भुनिए.
जब आटा भुन जाए तो इसमें तीन गुना पानी और चीनी, इलायची पाउडर मिलाकर चमचे से लगातार चलाते हुए मिलाइए. इसको उबाल आने के बाद लगभग 5 मिनिट तक पकाइये. ये गाड़ा हलुआ जैसा बन जायेगा.

अब एक थाली को घी लगा कर चिकना कीजिये और इसमे तैयार हलुवा डालकर लगभग आधा इंच की मोटाई में फैला कर जमा दीजिये.
जब ये ठंडा होकर जम जाए तब चाकू से अपने मनपसन्द आकार में काट लें.

बरफी को प्लेट में निकालिए और खाइये.

इस रेसिपी से सबंधित प्रश्ना, सुझाव एवं अनुभव हमे लिखे.

Tuesday, 9 October 2012

सिघाड़े (कुटु) के आटे की कचौड़ियां


सिघाड़े (कुटु) के आटे की कचौड़ियां


नवरात्री आने वाली है, व्रत में खाने के लिए कुछ नया हो तो सब को मज़ा आ जाएगा. आइये आज हम सिघाड़े के आटे से कचौड़ियां बनाते है..

आवश्यक सामग्री - कूटू की कचोरी या सिंघाड़े की कचोरी


सिघाड़े (या कुटू) का आटा -  दो कप
आलू - 4 उबले,छिले हुये
हरी मिर्च - 2 बारीक कटी हुई
हरा धनिया - 2 चम्मच बारीक कटी हुआ
अदरक - एक इंच का टुकड़ा कद्दूकस किया हुआ
काली मिर्च पाउडर - एक चौथाई छोटी चम्मच
अमचूर - एक चौथाई छोटी चम्मच (यदि आप चाहें)
सैन्धा नमक (व्रत का नमक)- स्वादानुसार
घी - तलने के लिये

विधि :-

सिघाड़े का आटा छानिये, थोड़ा सा नमक और दो छोटी चम्मच घी डाल कर नरम आटा गूथ लीजिये.
आलू को कद्दूकस कर ले ओर हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया, काली मिर्च पाउडर, अमचूर पाउडर और सैन्धा नमक डाल कर अच्छी तरह मिला लीजिये, कचौड़ी के अन्दर भरने के लिये पिठ्ठी तैयार है.


कढ़ाई में घी डाल कर गरम करे. अब आटे से थोड़ा सा आटा तोड़िये, गोल कीजिये, दबा कर हथेली पर उंगलियों के सहारे से बड़ा कर लीजिये. बीच में एक छोटी चम्मच आलू रखिये और चारों तरफ से पूरी को उठाकर आलू को बन्द कीजिये.

आलू भरी लोई को हथेलियों से दबा दबा कर बड़ा कर लीजिये और गरम घी में डालिये . आप एक बार मे 2-3 कचौड़ियां एक बार में डाल कर, उलट -पलट कर ब्राउन होने तक तल लीजिये.  इसी तरह से बाकी कचौड़ियां भी तल ले.

गरमा गरम सिघाड़े (कुटु) के आटे की कचौड़ियां ताजे दही, हरे धनिए की चटनी (व्रत वाली) या साबूदाना खीर के साथ परोसिये .

नोट: हरे धनिए की चटनी की रेसिपी के लिए हमारी साइट देखे.

इस रेसिपी से सबंधित प्रश्ना, सुझाव एवं अनुभव हमे लिखे.



Sunday, 30 September 2012

मेवे से भरपूर फलाहारी चूरमा



मेवे से भरपूर  फलाहारी चूरमा


सामग्री :
250 ग्राम - सिंघाड़ा आटा
250 ग्राम -राजगिरा का आटा
300 ग्राम -  गुड़
50 ग्राम -  गोंद
50 ग्राम -  बादाम बारीक कटी
1 छोटा चम्मच -  इलायची पावडर
 1 नारियल का गोला- कसा हुआ
 1 बड़ा चम्मच घी -  मोयन के लिए
 100 ग्राम घी -  तलने के लिए
 किशमिश, बादाम और काजू - दो-दो चम्मच

विधि :
राजगिरे और सिंघाडे के आटे को मिलाकर एक बड़ा चम्मच घी का मोयन डालकर ठंडे पानी से आटा गूंथ लीजिए। आटा पूरी के आटे जैसा टाइट गूंथना है। अब एक कड़ाही में घी गर्म करें। तैयार आटे के मुठिए बनाकर घी में गुलाबी होने तक धीमी आंच पर तलें।

अब मुठिए ठंडे होने के लिए रख दें। ठंडे होने पर उसे मिक्सी में पीस लें। इसे छानें। उसी घी में गोंद को तल लें। अब 100 ग्राम के करीब घी कड़ाही मे लेकर उसमें गुड़ को धीमी आंच पर गर्म कर लें।

जब गुड़ पूरी तरह घी में मिल जाए, तब उसमें पिसा हुआ मुठिए का मिश्रण मिला लें। फिर उसे एक बर्तन में लेकर उसमें इलायची,   गोंद, किसा हुआ नारियल और बादाम की कतरन मिला लें। लीजिए मेवे से भरपूर फलाहारी चूरमा तैयार है।   बादाम, काजू और किशमिश से सजा कर पेश करें।

नोट :-
(1) गोंद को तलने के लिए घी को तेज गरम करे और उसमे गोंद डाले और उलट पलट करते हुए फूलने तक तले. गोंद को ठीक तरह से फूलना ज़रूरी है नही तो वो दाँतों मे चिपकेगा.

 (2) मुठिए का मतलब है कि आटे मे से एक लोई तोड़े और अपनी मुट्ठी मे हल्का सा दबाए, आटा आपकी मुट्ठी का आकार ले लेगा इसे ही मुठिया कहते है.

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