Thursday, 4 October 2012

घर पर घी बनाए


घर पर घी बनाए :-

 

 

 

                 हम सभी घी का उपयोग रोज़ाना करते है पर आज कल बाज़ार मे शुद्ध देसी घी मिलना बहुत मुश्किल है. आपने अक्सर मिलावटी या नकली घी के बारे मे सुना होगा. इसलिए आज हम आपको घर पर ही घी बनाने की विधि सिखाएगे. घी बनाना बहुत ही आसान है ओर इसमे ज़्यादा समय भी नही लगता साथ ही साथ आपकी ये समस्या भी ख़तम हो जाएगी की मलाई का क्या किया जाए क्योकि बच्चे इसे दूध मे पीना पसंद नही करते ओर बड़े वजन बढ़ जाने के डर से नही खाते.

विधि: 
घी बनाने के लिए हमे दूध (फुल क्रीम दूध) गरम करने के बाद उसको जाली ढककर रखना चाहिए ताकि उसके उपर मलाई आ जाए और ठंडा हो जाए जब दूध ठंडा हो जाए इसे फ्रिज मे रख दे .5 -6 घंटे बाद आप देखेंगे की मलाई काफ़ी मोटी हो गई है, अब इस मलाई को उतार कर किसी बड़े कटोरे मे इकट्ठा करे इस प्रकार 8-10 दिन (मलाई के मात्रा के अनुसार) मलाई को इकट्ठा कर ले. मलाई को हमेशा फ्रिज मे ही रखे अन्यथा वह खराब हो जाएगी. जिस दिन आप घी बनाना चाहे रात को मलाई को गॅस पर गरम करे (जैसे हम दही जमाने के लिए करते है) ओर उसमे दो चम्मच दही डाल कर मिला दे ओर ढक कर रख दे . सुबह तक ये दही की तरह जम कर तैयार हो जाएगी .

अब इस मलाई को एक बड़े भिगोने मे डाले (पहले चित्र की तरह) और इसमे दो से ढाई ग्लास सादा पानी डालकर  हॅंड बलेंडर (या रई या मथानी ) से बिलोये (दूसरे चित्र की तरह) और इसको तब तक बिलोए जब तक की इससे मक्खन अलग ना हो जाए. यह आपको उपर नज़र आने लगेगा  (तीसरे चित्र के अनुसार) अब इसको 10 से 15 मिनिट के लिए छोड़ दे और 15 मिनिट बाद फिर से बलेंडर से 5-7 मिनिट चलाए. जब मक्खन पूरी तरह से अलग हो जाए तब ब्लॅंडर को बाहर निकाल ले ओर भगोने मे बर्फ डाले, पूरी ट्रे बर्फ डाल दीजिए. बर्फ डालने से मक्खन थोड़ा टाइट हो जाता है ओर इसे उठाना आसान हो जाता है. जब बहुत ज़्यादा गर्मी (मई,जून) होती है तो  बिलोने पर मक्खन मोटा-मोटा नज़र नही आता बल्कि घी जैसा पतला तैरता हुआ नज़र आता है, तब आप इसे लगभग 10 मिनिट बिलोने केबाद इसमे बर्फ या ठंडा पानी डाल दे (बर्फ हो तो ज़यादा अच्छा) ओर 5-7 मिनिट ओर बिलोए मक्खन टाइट हो कर उपर तेरने लगेगा. अब इसे हाथ से उठा कर कड़ाही मे निकाल कर रख ले. ऐसे ही जब बहुत ज़्यादा सर्दी (दिसंबर,जनवरी) होती है तो  बिलोने पर मक्खन अलग नही होता और हमे पतला मट्ठा ही नज़र आता है तो इसे लगभग 10 मिनिट बिलोने केबाद इसमे एक से डेड गिलास गर्म पानी डाल दे (पानी न तो कम गरम होना चाहिए और न ही खोलता हुआ बल्कि पानी इतना गरम डालिए की आपकी मलाई हल्की गरम हो जाए इससे घी और मट्ठा अलग अलग हो जाएगा) और 5-7 मिनिट (या मक्खन आने तक) ओर बिलोए मक्खन अलग होकर उपर तेरने लगेगा. अब इसे हाथ से उठा कर कड़ाही मे निकाल कर रख ले.

अब इस कड़ाई को गॅस पर रख दे और मीडियम आग पर पकने दे, शुरू मे गॅस को बिल्कुल धीमा ही रखे ताकि मक्खन उफन कर बाहर ना आए. जब वो खोंलने लगे तो आग मीडियम पर करके पकने दे (पाँचवे चित्र मे ध्यान से देखिए). लगभग 15 से 20 मिनिट मे आपको क्लियर घी अलग हल्के पीले रंग का दिखने लगेगा (6th चित्र मे ध्यान से देखिए). अब गॅस बंद कर दीजिए ध्यान दे की घी का पीला रंग आने बाद ज़्यादा नही पकना है वरना घी जलने लगेगा इसेसे घी मात्रा भी कम होगी और इसका रंग भी हल्का ब्राउन हो जाएगा और इसके स्वाद मे भी फ़र्क आ जाएगा.

अब स्टील का एक डिब्बा या बर्तन लीजिए इसके मुह पर पतला साफ कॉटन का कपड़ा बंधीए (जैसे हम आचार की बर्नी पर बाँधते है) और घी को चमचे की सहायता से छान लीजिए. या फिर आप बारीक छेद वाली स्टील की छन्नी से भी छान सकते है ये आसान भी है.

लीजये आपका शुद्ध देसी घी तैयार है. अच्छी तरह से पका हुआ घी कई महीनो तक इस्तेमाल किया जा सकता है.


नोट: मक्खन निकालने के बाद भिगोने मे जो मट्ठा (छाछ) बचा है उसे कढ़ी बनाने मे या भूना जीरा पाउडर व काला नमक मिलकर पीने के लिए इस्तेमाल कर सकते है. इस्तेमाल से पहले इसे छान ले.  

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