Tuesday, 2 October 2012

रोटी या चपाती


रोटी या चपाती 


रोटी हर घर मे रोजाना बनाई जाती है लेकिन जिनको ये बनाना नही आता है उनके लिए बहुत मुस्किल होता है. तो आइए हम आज रोटी बनाना सिखाते है. रोटी के लिये आटा थोड़ा मुलायम गूंथा जाता है. मुलायम आटे से बनी रोटी ठंडी होने पर भी मुलायम बनी रहती है जबकि सख्त आटे से बनी रोटी ठंडी होने खाने में अच्छी नहीं लगती. रोटी के लिये गैंहू का आटा गूंथते समय जितना आपने आटा लिया है पानी उसकी मात्रा का आधा लगता है. यानी यदि दो कप आटा गूंथ रहे हैं तो आप एक कप पानी ले सकते हैं.

आटा लगाने कि विधि -
आवश्यक सामग्री
आटा -  2 कप
पानी  -1 कप


आटे को किसी परात या गहरे बर्तन मे छान लीजिये. अब एक हाथ से गुनगुना पानी (गुनगुने पानी से आटा मुलायम लगता है) डालते हुये आटे को हाथ से गूथिये. पानी थोड़ा -थोड़ा करके आटे में  डालिये, आटा अच्छी तरह मिक्स हो जाय तब आटे में मुक्कियां लगाकर, बार बार आटे को  हाथ से उठा कर पलटिये और मुक्कियां लगाकर दबाकर दबाकर गुँथिए (आटे को ना ज्यादा सख्त करें और ना ही ज्यादा गीला). आटा एक जैसा चिकना हो जाने पर उसे 20 मिनिट के लिए  के लिये ढककर रख दे.

20 मिनिट बाद आटे को उठाकर एक बार फिर से मसल लीजिए इससे आटा चिकना और मुलायम हो जाएगा और इसमे अच्छा खिचाव आ जाएगा. आटा अच्छी तरह गंथे जाने पर चिकना हो जाता है तो फिर यह रोटी बनाते समय हाथों में अधिक नहीं चिपकता और बेलते समय इसे कम परोथन (सूखा आटा) लगा कर बेला जा सकता है.

अब चपाती बनाइये -
तवा गरम होने के लिये गॅस पर रखिये, एक नीबू के बराबर का आटा तोड़कर निकालिये और हाथ से गोल लोई बनाइये. लोई को सूखे आटे (परोथन) में लपेटिये, अतिरिक्त सूखा आटा झड़ा दीजिये (ज्यादा सूखा आटा लोई के ऊपर नहीं रहना चाहिये).
सूखा आटा लगी लोई को चकले पर रखिये और बेलन की सहायता से थोड़ा बेल कर बड़ा कीजिये. बेलन से एक जैसा गोल बेलिये. इस बेली गई चपाती को फिर से परोथन में लपेटिये, अतिरिक्त परोथन चपाती से झाड़ दीजिये.
परोथन लगी चपाती को चकले पर रखिये और 5-6 इंच के व्यास में चारों तरफ एक जैसी मोटाई की गोल चपाती बेलिये. अच्छी चपाती बेलने के लिये आपको प्रेक्टिस करनी होगी. रोटी बेलते समय एक जैसा हल्का दबाब दें, अधिक जोर न लगायें. नहीं तो रोटी कहीं से मोटी कहीं से पतली हो जायेगी और सही फूलेगी नहीं.

इस चपाती को गरम तवे पर डालिये, निचली सतह थोड़ी ही सिकने पर चपाती की ऊपर की सतह का रंग कुछ गहरा हो जाता है, अब चपाती को पलटिये. दूसरी सतह को ब्राउन चित्ती आने तक सेकिये.

चपाती को तवे पर ही सेकना:- तवे पर रोटी को सेकने के लिये दूसरी सतह पर चित्ती आने के बाद रोटी को पलटिये और किसी साफ कपड़े का गोला जैसा बनाकर हाथ मे पकड़े और इस गोले हल्का हल्का दबाइए इससे चपाती फूलने लगेगी, अब ये चपाती तैयार है. इस तरह सारी चपाती सेक लीजिये.

तवा से उतार कर गैस पर सेंकना- गैस पर सेकने के लिये तवे से चपाती उतारिये और पहले चित्ती वाली सतह को सीधे आग पर चिमटे की सहायता से घुमाते हुये थोड़ा और गहरी चित्ती होने तक सेकिये. ये ध्यान रहे कि चित्ती ब्राउन ही रहे, काली नहीं पड़नी चाहिये. रोटी को पलट कर दूसरी तरफ हल्की ब्राउन चित्ती आने तक सेक लीजिये. चपाती पूरी फूल जाती है. फूली चपाती को कभी हाथ से न पकडिये. इससे निकलने वाली भाप आपका हाथ जला सकती है.

यदि चपाती झट से फूल जाय तो इसका अर्थ है यह अच्छी सिक रही है, अगर आप किसी को खाना खिला रहीं हैं और ये चपाती गरम गरम दे रहीं है तब आप ये चित्ती थोड़ी गहरी कर सकती है यानी कि आप कुरकुरी चपाती सेक कर दे सकती हैं. गरमा गरम घी लगी कुरकुरी चपाती खाने में बहुत अच्छी लगती है लेकिन बाद में खाने के लिये कड़क सिकी हुई चपाती अच्छी नहीं रहती.

इस चपाती के ऊपर बहुत थोड़ा सा देशी घी रखिए और दूसरी चपाती को इसके ऊपर रखकर हल्के हाथ से घुमाए, इससे चपातियों पर घी अच्छी तरह लग जाएगा. घी लगी चपाती कैसरोल में रख दीजिये. घी लगी चपाती कैसरोल में रखने से बाद में 5-6 घंटे तक खाने के लिये नरम रहती हैं.

रोटियों को कैसरोल मे नीचे फोइल बिछाकर रखें. रोटियां कपडे में लपेट कर भी रखी जा सकतीं है.

नोट:
(1) गूंथे गये आटे का ऊपरी भाग चिकना और इसमें खिंचाव पैदा होने तक गूंथते रहना चाहिये.
(2) गर्म और भाप से भरी रोटियों को तुरन्त कैसरोल में न रखे नहीं तो इसकी भाप रोटियों को गीला कर देती है. पहले रोटी की भाप निकल जाने दें.
(3) यदि आप आटे मे नमक खाना पसंद करते है तो आटा गुंथते समय सूखे आटे मे स्वादानुसार नमक डाल सकते है.

 (4) यदि आपकी चपातियाँ गोल नही बन रहीं है तो आप चपाती को बेलने के बाद किसी तेज किनारे वाले स्टील के बर्तन जैसे बड़ी कटोरी या टिफिन से चपाती के उपर उल्टा रखकर ज़ोर से दबाए और बर्तन उठा ले, कटे हुए कीनोरों को अगली लोइ मे इस्तेमाल कर ले.बस आपकी गोल चपाती तैयार हो जाएगी.



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